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Jammu News: शोपियां में 25 भेड़ों की मौत, भेड़ पालन विभाग पर लापरवाही और गलत दवा देने का आरोप
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शोपियां। दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के दुबजन में बकरवाल समुदाय ने भेड़ पालन विभाग पर उनके भेड़ों के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। कहा है कि इलाज में लापरवाही के कारण ही उनके 25 भेड़ों की दवा देने के कुछ ही देर बाद माैत हो गई। हालांकि, विभाग का कहना है कि भेड़ों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके लिए एक जांच दल गठित किया गया है।
यह घटना जामगली, दुबजन में हुई, जब चरवाहे मोहम्मद जफर बकरवाल और उनका समुदाय राजोरी से पीर पंजाल पहाड़ों पर आ रहे थे। जफर बकरवाल ने बताया कि पैदल लंबी यात्रा से थके हुए उनके पशुओं को तत्काल देखभाल की आवश्यकता थी। इस पर उन्होंने स्थानीय पशु चिकित्सा कर्मचारियों से चिकित्सा सहायता मांगी। वहीं, एक अन्य चरवाहे मजाम दीन ने कहा, विभागीय टीम ने हमें कुछ दवाइयां दीं, जिन्हें देने के तुरंत बाद ही हमारी 25 भेड़ें मर गईं। इसलिए हमें लगता है कि भेड़ों को गलत खुराक दी गई थी। चरवाहा गुलाम खसाना ने कहा कि विभाग ने पशुओं की स्थिति का ठीक से आकलन नहीं किया।
बकरवाल समुदाय अब अपने नुकसान के लिए मुआवजे की मांग कर रहा है। इस बीच शोपियां में भेड़ पालन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, हमने मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम करने और सटीक कारण निर्धारित करने के लिए जांच दल का गठन किया है। हमारी टीम ने रिपोर्ट प्राप्त करने के तुरंत बाद प्रतिक्रिया दी और और अपनी टीमें मौके पर भेज दी हैं। जिन दवाइयों का जिक्र किया जा रहा है कि वो पेट में कीड़े मारने वाली और सप्लीमेंट हैं।
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यह घटना जामगली, दुबजन में हुई, जब चरवाहे मोहम्मद जफर बकरवाल और उनका समुदाय राजोरी से पीर पंजाल पहाड़ों पर आ रहे थे। जफर बकरवाल ने बताया कि पैदल लंबी यात्रा से थके हुए उनके पशुओं को तत्काल देखभाल की आवश्यकता थी। इस पर उन्होंने स्थानीय पशु चिकित्सा कर्मचारियों से चिकित्सा सहायता मांगी। वहीं, एक अन्य चरवाहे मजाम दीन ने कहा, विभागीय टीम ने हमें कुछ दवाइयां दीं, जिन्हें देने के तुरंत बाद ही हमारी 25 भेड़ें मर गईं। इसलिए हमें लगता है कि भेड़ों को गलत खुराक दी गई थी। चरवाहा गुलाम खसाना ने कहा कि विभाग ने पशुओं की स्थिति का ठीक से आकलन नहीं किया।
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बकरवाल समुदाय अब अपने नुकसान के लिए मुआवजे की मांग कर रहा है। इस बीच शोपियां में भेड़ पालन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, हमने मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम करने और सटीक कारण निर्धारित करने के लिए जांच दल का गठन किया है। हमारी टीम ने रिपोर्ट प्राप्त करने के तुरंत बाद प्रतिक्रिया दी और और अपनी टीमें मौके पर भेज दी हैं। जिन दवाइयों का जिक्र किया जा रहा है कि वो पेट में कीड़े मारने वाली और सप्लीमेंट हैं।
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