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एबीवीपी ने किया कालेज मार्ग जाम
Updated Fri, 02 Feb 2018 01:12 AM IST
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कठुआ। शोपियां में सेना पर एफआईआर के विरोध में एबीवीपी के सदस्यों ने कालेज मार्ग जाम कर राज्य और केंद्र सरकार के साथ-साथ जम्मू कश्मीर पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि सेना के खिलाफ सरकार और पुलिस मिलकर साजिश कर रहे हैं। पत्थरबाजों को छोड़ने और सेना पर मामले दर्ज करने से देश में स्थिति में सुधार नहीं होगा।
प्रदर्शनकारियों में शामिल मयंक भगोत्रा, जीवन ज्योति सहित दर्जनों की संख्या में शामिल विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने कहा कि सेना के जवानों को गोली चलाने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि सेना ने कभी किसी को नाजायज तंग नहीं किया और न ही कभी किसी को बिना वजह परेशान किया है, लेकिन इसके बाद भी जब उन पर पत्थर बरसाए जाएंगे और जवानों को मारने का प्रयास किया जाएगा तो एक आम इंसान भी अपनी रक्षा के लिए जवाब देगा। अगर सेना ने जवाब दिया तो उसके लिए उन्हें मजबूर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार पत्थरबाजों को बचाकर आतंकवादियों और अलगाववादियों का साथ दे रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य में जिस भी पार्टी की सरकार आई उसने यही काम किया। पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने भी आतंकियों से राज्य को बचाने वाले सेना पर मामला दर्ज किया। उन्होंने कहा कि अगर पत्थरबाजों को इसी प्रकार बचाना है तो उन्हें आतंकी हमले के दौरान आतंकियों पर पत्थर मारने के लिए प्रेरित करे ताकि सेना पर फिर से ऐसा कोई आरोप न लगे।
सोशल जस्टिस मूवमेंट के सदस्यों ने भी सेना पर मामला दर्ज करने के विरोध में राज्य सरकार के मंत्रियों और विधायकों केा त्याग पत्र देने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल मयंक भगोत्रा, जीवन ज्योति सहित दर्जनों की संख्या में शामिल विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने कहा कि सेना के जवानों को गोली चलाने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि सेना ने कभी किसी को नाजायज तंग नहीं किया और न ही कभी किसी को बिना वजह परेशान किया है, लेकिन इसके बाद भी जब उन पर पत्थर बरसाए जाएंगे और जवानों को मारने का प्रयास किया जाएगा तो एक आम इंसान भी अपनी रक्षा के लिए जवाब देगा। अगर सेना ने जवाब दिया तो उसके लिए उन्हें मजबूर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार पत्थरबाजों को बचाकर आतंकवादियों और अलगाववादियों का साथ दे रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य में जिस भी पार्टी की सरकार आई उसने यही काम किया। पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने भी आतंकियों से राज्य को बचाने वाले सेना पर मामला दर्ज किया। उन्होंने कहा कि अगर पत्थरबाजों को इसी प्रकार बचाना है तो उन्हें आतंकी हमले के दौरान आतंकियों पर पत्थर मारने के लिए प्रेरित करे ताकि सेना पर फिर से ऐसा कोई आरोप न लगे।
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सोशल जस्टिस मूवमेंट के सदस्यों ने भी सेना पर मामला दर्ज करने के विरोध में राज्य सरकार के मंत्रियों और विधायकों केा त्याग पत्र देने की मांग की है।