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सुरक्षा बलों की फायर गिं में तीन की मौत
Updated Sat, 07 Jul 2018 08:20 PM IST
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पत्थरबाजों पर सेना की जवाबी कार्रवाई में तीन की मौत
-कुलगाम में सेना के गश्तीदल पर किया था भारी पथराव
-भीड़ को तितर-बितर करने को सेना ने की फायरिंग
-घटना में तीन जवान समेत 13 अन्य लोग घायल
- वादी में बढ़ा तनाव, त्राल समेत कई इलाकों में कर्फ्यू
- कई जिलों में इंटरनेट सेवा बंद की गई
- मारे गए लोगों के जनाजे में बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। आतंकी बुरहान वानी की बरसी से ठीक एक दिन पहले शनिवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षा बलों पर भीड़ ने भारी पथराव कर दिया। सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग की जिसमें तीन नागरिकों की मौत हो गई। मरने वालों में एक लड़की भी शामिल है। घटना में तीन जवान समेत 13 लोग घायल हुए हैं। घटना के कश्मीर में तनाव बढ़ गया है। अफवाहों पर रोक के मद्देनजर कई इलाकों में इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई है। कुछ क्षेत्रों में कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाए गए हैं। गवर्नर राज में पत्थरबाजी की यह सबसे बड़ी घटना है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के हवूरा मिसिपोरा इलाके में पत्थरबाजों ने सेना के गश्ती दल को निशाना बनाया। सेना के सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों पर जमकर पत्थरबाजी की गई। जब सुरक्षा बलों ने पत्थरबाजों को मौके से हटाने की कोशिश की तो पत्थरबाजों ने जवानों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इघटना के बाद कुलगाम, शोपियां, पुलवामा और अनंतनाग में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है।
सूत्रों ने बताया कि हालात नियंत्रण से बाहर होते देख सेना ने अपने बचाव में फायरिंग की। इसमें कई लोग घायल हो गए। उन्हें पीएचसी ले जाया गया, जहां तीन ने दम तोड़ दिया, जबकि तीन गंभीर घायलों को श्रीनगर रेफर किया गया है। मृतकों में शाकिर अहमद खांडे (22), इरशाद अहमद (20) और अंदलीब शामिल हैं। घटना की जांच शुरू हो गई है। सेना और पत्थरबाजों के बीच यह झड़प आतंकी बुरहान वानी की दूसरी बरसी से पहले बुलाए गए बंद के दौरान हुई। हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की दूसरी बरसी पर जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों ने बंद का आह्वान किया है।
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फायरिंग में नागरिकों की मौत के बाद पुलवामा और त्राल समेत कुठ अन्य इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है।
विस्फोट में जवान समेत दो घायल
श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हैदरपोरा में एक विस्फोट मेें एक सीआरपीएफ और एक नागरिक घायल हो गए। घयना की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटना स्थल का जायजा लिया। तलाशी अभियान चलाया गया। सीआरपीएफ आईजी रविदीप सिंह साही ने बताया कि आतंकियों ने एक ग्रेनेड दागा, जो वहां तैनात सीआरपीएफ की 25 वीं बटालियन के जवानों से थोड़ी दूरी पर फटा जिसमें एक जवान मामूली रूप से घायल हुआ है। वहीं एसएसपी बडगाम तेजिंदर सिंह ने इसे संदिग्ध विस्फोट बताते हुए कहा कि यह ग्रेनेड ब्लास्ट नहीं था, क्योंकि यहां से कोई पिन बरामद नहीं हुई।
बंद के दौरान प्रदर्शन, अलर्ट, अलगावादियों पर शिंकजा
आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर अलगाववादियों द्वारा आयोजित बंद के दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए। 8 जुलाई को हिज्बुल कमांडर रहे बुरहान वानी की मौत को दो साल पूरे हो रहे हैं। सुरक्षा बलों ने अलर्ट जारी कर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रीनगर नेशनल हाईवे के 300 किलोमीटर के इलाके में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष यासीन मलिक को हिरासत में ले लिया गया है। हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी नेता मीरवाइज उमर फारूक को आवास पर नजरबंद कर दिया गया है। सैयद अली शाह गिलानी भी नजरबंद है।
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पत्थरबाजों पर सेना की जवाबी कार्रवाई में तीन की मौत
-कुलगाम में सेना के गश्तीदल पर किया था भारी पथराव
-भीड़ को तितर-बितर करने को सेना ने की फायरिंग
-घटना में तीन जवान समेत 13 अन्य लोग घायल
- वादी में बढ़ा तनाव, त्राल समेत कई इलाकों में कर्फ्यू
- कई जिलों में इंटरनेट सेवा बंद की गई
- मारे गए लोगों के जनाजे में बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। आतंकी बुरहान वानी की बरसी से ठीक एक दिन पहले शनिवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षा बलों पर भीड़ ने भारी पथराव कर दिया। सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग की जिसमें तीन नागरिकों की मौत हो गई। मरने वालों में एक लड़की भी शामिल है। घटना में तीन जवान समेत 13 लोग घायल हुए हैं। घटना के कश्मीर में तनाव बढ़ गया है। अफवाहों पर रोक के मद्देनजर कई इलाकों में इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई है। कुछ क्षेत्रों में कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाए गए हैं। गवर्नर राज में पत्थरबाजी की यह सबसे बड़ी घटना है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के हवूरा मिसिपोरा इलाके में पत्थरबाजों ने सेना के गश्ती दल को निशाना बनाया। सेना के सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों पर जमकर पत्थरबाजी की गई। जब सुरक्षा बलों ने पत्थरबाजों को मौके से हटाने की कोशिश की तो पत्थरबाजों ने जवानों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इघटना के बाद कुलगाम, शोपियां, पुलवामा और अनंतनाग में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है।
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सूत्रों ने बताया कि हालात नियंत्रण से बाहर होते देख सेना ने अपने बचाव में फायरिंग की। इसमें कई लोग घायल हो गए। उन्हें पीएचसी ले जाया गया, जहां तीन ने दम तोड़ दिया, जबकि तीन गंभीर घायलों को श्रीनगर रेफर किया गया है। मृतकों में शाकिर अहमद खांडे (22), इरशाद अहमद (20) और अंदलीब शामिल हैं। घटना की जांच शुरू हो गई है। सेना और पत्थरबाजों के बीच यह झड़प आतंकी बुरहान वानी की दूसरी बरसी से पहले बुलाए गए बंद के दौरान हुई। हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की दूसरी बरसी पर जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों ने बंद का आह्वान किया है।
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विस्फोट में जवान समेत दो घायल
श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हैदरपोरा में एक विस्फोट मेें एक सीआरपीएफ और एक नागरिक घायल हो गए। घयना की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटना स्थल का जायजा लिया। तलाशी अभियान चलाया गया। सीआरपीएफ आईजी रविदीप सिंह साही ने बताया कि आतंकियों ने एक ग्रेनेड दागा, जो वहां तैनात सीआरपीएफ की 25 वीं बटालियन के जवानों से थोड़ी दूरी पर फटा जिसमें एक जवान मामूली रूप से घायल हुआ है। वहीं एसएसपी बडगाम तेजिंदर सिंह ने इसे संदिग्ध विस्फोट बताते हुए कहा कि यह ग्रेनेड ब्लास्ट नहीं था, क्योंकि यहां से कोई पिन बरामद नहीं हुई।
बंद के दौरान प्रदर्शन, अलर्ट, अलगावादियों पर शिंकजा
आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर अलगाववादियों द्वारा आयोजित बंद के दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए। 8 जुलाई को हिज्बुल कमांडर रहे बुरहान वानी की मौत को दो साल पूरे हो रहे हैं। सुरक्षा बलों ने अलर्ट जारी कर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रीनगर नेशनल हाईवे के 300 किलोमीटर के इलाके में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष यासीन मलिक को हिरासत में ले लिया गया है। हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी नेता मीरवाइज उमर फारूक को आवास पर नजरबंद कर दिया गया है। सैयद अली शाह गिलानी भी नजरबंद है।