{"_id":"5cc36bfabdec220752494091","slug":"171556311034-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ कनाल गेहूं की फसल जलकर राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ कनाल गेहूं की फसल जलकर राख
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरएस पुरा। बिजली के तारों से उठी चिंगारी ने सीमावर्ती गांव हंसू चक्क में खेतों में खड़ी आठ कनाल गेहूं की फसल को जलाकर राख कर डाला। देखते ही देखते फसल के साथ किसानों के अरमान भी जल गए। इस मौसम में आए दिन ऐसी घटनाएं होती हैं।
दरअसल, वीरवार रात को तेज हवा चलने के कारण खेतों के ऊपर से गुजरने वाले बिजली के तार आपस में रगड़ खाने लगे। इससे चिंगारियां उठने लगीं। कुछ चिंगारियां फसल के ऊपर आ गिरीं। फसल पकी होने के कारण चिंगारियों ने तुरंत आग का रूप ले लिया। किसान अजीत सिंह, रमेश लाल, जोगिंद्र सिंह, अमर सिंह आदि ने कहा कि बिजली के तार गांव में काफी ढीले हैं, उसे विभाग टाइट नहीं करवा रहा है। इस कारण तेज हवा चलने पर फसल जलने का खतरा हर साल बना रहता है। उन्होंने कहा कि हंसू चक्क सीमावर्ती क्षेत्र का अंतिम गांव है, जिसके कारण वीरवार की रात को फसल में आग लगने पर दमकल वहां तक नहीं पहुंच सका। आखिरी ग्रामीणों ने खुद प्रयास कर आग को और फैलने से रोका गया। बाकी फसलों को बचाया गया।
दमकल को तैनात करने की मांग
आरएस पुरा कस्बे से आठ किलोमीटर दूूूरी पर दमकल विभाग का कार्यालय है। इस कारण आग लगने पर फसल को बचाने के लिए वहां दमकल का वहां तक पहुंचना मुश्किल हो गया। कुल्लियां से गांव हंसू चक्क 20 किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों ने आरएस पुरा के एसडीएम से मांग की है कि सीमावर्ती इलाके में एक अतिरिक्त दमकल वाहन को तैनात किया जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, वीरवार रात को तेज हवा चलने के कारण खेतों के ऊपर से गुजरने वाले बिजली के तार आपस में रगड़ खाने लगे। इससे चिंगारियां उठने लगीं। कुछ चिंगारियां फसल के ऊपर आ गिरीं। फसल पकी होने के कारण चिंगारियों ने तुरंत आग का रूप ले लिया। किसान अजीत सिंह, रमेश लाल, जोगिंद्र सिंह, अमर सिंह आदि ने कहा कि बिजली के तार गांव में काफी ढीले हैं, उसे विभाग टाइट नहीं करवा रहा है। इस कारण तेज हवा चलने पर फसल जलने का खतरा हर साल बना रहता है। उन्होंने कहा कि हंसू चक्क सीमावर्ती क्षेत्र का अंतिम गांव है, जिसके कारण वीरवार की रात को फसल में आग लगने पर दमकल वहां तक नहीं पहुंच सका। आखिरी ग्रामीणों ने खुद प्रयास कर आग को और फैलने से रोका गया। बाकी फसलों को बचाया गया।
विज्ञापन
दमकल को तैनात करने की मांग
आरएस पुरा कस्बे से आठ किलोमीटर दूूूरी पर दमकल विभाग का कार्यालय है। इस कारण आग लगने पर फसल को बचाने के लिए वहां दमकल का वहां तक पहुंचना मुश्किल हो गया। कुल्लियां से गांव हंसू चक्क 20 किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों ने आरएस पुरा के एसडीएम से मांग की है कि सीमावर्ती इलाके में एक अतिरिक्त दमकल वाहन को तैनात किया जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।
विज्ञापन