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फ्लैट घोटाले में मिली अधिकारियों को मोहलत
Updated Tue, 22 May 2018 02:29 PM IST
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जम्मू। नगर निगम के फ्लैट अलॉट करने के घोटाला मामले में कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को दस दिन का और वक्त दिया है। ताकि वह लोग कोर्ट में इसका जवाब दे सकें। एडवोकेट इर्तिजा मुश्ताक ने मामले में कोर्ट में याचिका दायर की थी।
मंगलवार को ओपन कोर्ट में जस्टिस अलोक अराधे और जस्टिस संजय गुप्ता ने मामले पर सुनवाई की। जीएडी विभाग के आयुक्त सचिव, हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त सचिव, विजिलेंस आर्गेनाइजेशन के निदेशक, हाउसिंग बोर्ड के पूर्व आयुक्त सचिव जीत लाल गुप्ता आदि को जवाब देने को कहा है। नगर निगम ने गांधी नगर इलाके में दस फ्लैट किराए पर दिए थे। जिन्हें बाद में अधिकारियों की मिली भगत से अपने चहेतों को फ्लैट अलॉट कर दिए गए। इससे पहले 17 अप्रैल को कार्यकारी चीफ जस्टिस रामालिंगम सुधाकर ने एडवोकेट शकील अहमद की दलीलें सुनने के बाद इन तमाम अधिकारियों को तीन हफ्तों के भीतर अपना जवाब देने को कहा था। वहीं, सरकार की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट जनरल एसएस नंदा ने कोर्ट से दो हफ्तों का और समय मांगा। ताकि वह लोग अपना जवाब पेश कर सकें। दोनों तरफ से कोर्ट में कई सवाल जबाव हुए और कड़ी बहस हुई। जेएनएफ
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मंगलवार को ओपन कोर्ट में जस्टिस अलोक अराधे और जस्टिस संजय गुप्ता ने मामले पर सुनवाई की। जीएडी विभाग के आयुक्त सचिव, हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त सचिव, विजिलेंस आर्गेनाइजेशन के निदेशक, हाउसिंग बोर्ड के पूर्व आयुक्त सचिव जीत लाल गुप्ता आदि को जवाब देने को कहा है। नगर निगम ने गांधी नगर इलाके में दस फ्लैट किराए पर दिए थे। जिन्हें बाद में अधिकारियों की मिली भगत से अपने चहेतों को फ्लैट अलॉट कर दिए गए। इससे पहले 17 अप्रैल को कार्यकारी चीफ जस्टिस रामालिंगम सुधाकर ने एडवोकेट शकील अहमद की दलीलें सुनने के बाद इन तमाम अधिकारियों को तीन हफ्तों के भीतर अपना जवाब देने को कहा था। वहीं, सरकार की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट जनरल एसएस नंदा ने कोर्ट से दो हफ्तों का और समय मांगा। ताकि वह लोग अपना जवाब पेश कर सकें। दोनों तरफ से कोर्ट में कई सवाल जबाव हुए और कड़ी बहस हुई। जेएनएफ
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