Online Shopping: जम्मू-कश्मीर में 17.4 फीसदी परिवार करते हैं ई-शॉपिंग; ग्रामीण अभी भी डिजिटल दुनिया से दूर
जम्मू-कश्मीर में केवल 17.4% परिवार ही ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, जो पंजाब और हिमाचल जैसे राज्यों की तुलना में काफी कम है। कम डिजिटल साक्षरता, इंटरनेट की सीमित पहुंच और दुर्गम भौगोलिक स्थिति इसके प्रमुख कारण बताए गए हैं।
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जम्मू-कश्मीर में ऑनलाइन खरीदारी का चलन बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी अधिकतर लोग पारंपरिक दुकानों और बाजारों पर ही अधिक भरोसा करते हैं। केंद्र सरकार के एक ताजा सर्वे में यह बात सामने आई है कि प्रदेश के केवल 17.4 फीसदी परिवार ही ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, जो पड़ोसी राज्यों पंजाब और हिमाचल प्रदेश की तुलना में काफी कम है।
सर्वे के अनुसार, ऑनलाइन खरीदारी करने वालों में 80.7 फीसदी लोग गैर-खाद्य वस्तुओं जैसे कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घरेलू उपकरण ही मंगाते हैं। वहीं, केवल 2.2 फीसदी परिवार ही सिर्फ खाने-पीने की चीजें ऑनलाइन मंगाते हैं। 17.1 फीसदी परिवार ऐसे हैं जो दोनों तरह की वस्तुएं ऑनलाइन खरीदते हैं।
शहरी आगे, ग्रामीणों में डिजिटल साक्षरता की कमीशहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच भी बड़ा अंतर है। जहां शहरी क्षेत्रों में 32.4 फीसदी परिवार ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा सिर्फ 11.9 फीसदी है। इसका मुख्य कारण डिजिटल साक्षरता की कमी, इंटरनेट की सीमित पहुंच और पारंपरिक खरीदारी की आदतें मानी जा रही हैं।
पंजाब और हिमाचल प्रदेश से पीछे है जम्मू-कश्मीर
पड़ोसी राज्य पंजाब में 33.5 फीसदी और हिमाचल प्रदेश में 27.3 फीसदी परिवार ऑनलाइन खरीदारी करते हैं। देश के अन्य राज्यों की बात करें तो राजधानी दिल्ली में यह आंकड़ा 48.8 फीसदी है, जबकि गोवा में 51.6 फीसदी परिवार ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं। देश में सबसे ज्यादा ऑनलाइन खरीदारी चंडीगढ़ में होती है, जहां 68.7 फीसदी परिवार इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
ई-शॉपिंग को रोक रहे हैं नेटवर्क, आमदनी और दुर्गम इलाकेजम्मू यूनिवर्सिटी के बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर डॉ. परीक्षित मन्हास का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में ई-शॉपिंग की रफ्तार धीमी होने के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं। पहला, प्रदेश के कई इलाकों में अब भी तेज और स्थिर इंटरनेट की सुविधा नहीं है। दूसरा, लोगों की आय सीमित है, जिससे वे गैर-जरूरी चीजें ऑनलाइन मंगाने से बचते हैं। तीसरा, प्रदेश की भौगोलिक स्थिति जटिल है। कई इलाके पहाड़ी और दुर्गम हैं, जिससे ई-कॉमर्स कंपनियों को डिलीवरी में दिक्कत और लागत में बढ़ोतरी होती है।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू के मार्केटिंग एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट विभाग के डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश की बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, जहां ई-शॉपिंग को लेकर जागरूकता कम है। इसके अलावा, लोग अभी भी ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर पूरी तरह भरोसा नहीं कर पा रहे हैं और पारंपरिक बाजारों से खरीदारी को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के बीच ऑनलाइन खरीदारी का रुझान तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में इसमें उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना है।