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स्पेशल स्टोरी.. ग्रेनेड हमले के बाद ताक पर बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था
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जम्मू। रियासत का दरबार इस समय जम्मू में है और इस तरह खुलेआम भीड़-भाड़ वाले इलाके में ग्रेनेड हमले ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। 25 मई को जनरल बस स्टैंड पर ही पुलिस वाहन पर ग्रेनेड से हमला हुआ था, करीब सात महीने बाद फिर से बस स्टैंड पर उसी तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया है। इसके बाद भी शनिवार को बस स्टैंड में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर नजर आई।
प्रारंभिक जांच में मामले को आतंकी घटना से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन पिछले सात महीनों में पुलिस और सुरक्षा अधिकारी ने बस स्टैंड पर आने वाले हजारों यात्रियों व यहां मौजूद व्यापारियों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत नहीं समझी। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि शुक्रवार देर रात की कथित ग्रेनेड हमले की वारदात के बाद भी बस स्टैंड के अंदर पुलिस सतर्क नहीं दिखी।
शनिवार को बस स्टैंड के अंदर मौजूद दुकानदारों व व्यापारियों ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि रात से वहां कोई सघन चेकिंग अभियान नहीं चलाया गया। रात से ही आशंका जाहिर की जा रही थी कि यह आतंकी वारदात हो सकती है। लेकिन बस स्टैंड थाना पुलिस और अन्य फोर्स ने बड़े खतरे को भापते हुए पूरे परिसर की जांच की जहमत नहीं उठाई। वहीं पूरे दिन भर बस स्टैंड पर पुलिस फोर्स की चहलकदमी न के बराबर ही रही।
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नहीं है सुरक्षा जांच उपकरण (फोटो)
बस स्टैंड में यात्री प्रवेश व निकास के लिए इंद्रा चौक रोड और बीसी रोड से दो रास्ते हैं। मई में इसी तरह के ग्रेनेड हमले के बाद भी यहां आज तक मेटल डिटेक्टर गेट नहीं लगा। चेंकिंग के लिए पुलिसकर्मी भी यहां मौजूद नहीं रहते। रोजाना हजारों यात्री सामान लेकर बिना जांच के प्रवेश करते हैं। ऐसे में इस बस स्टैंड पर बेगुनाह यात्रियों के साथ आतंकी मंसूबों का निशाना बन सकता है।
बॉक्स
सिर्फ सीआईएसएफ पर है जिम्मेदारी...? (फोटो)
इंद्र चौक से बस स्टैंड के अंदर जाने वाले रास्ते पर सिर्फ सीआईएसएफ के जवान ही मुस्तैद दिखे। महज दो जवानों ने मुख्य गेट पर सुरक्षा संभाल रखी थी। लेकिन स्टैंड के अंदर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी नजर आए।
सुरक्षा के नाम पर मिला ताला (फोटो)
बस स्टैंड के अंदर जेडीए ने सिक्योरिटी ऑफिस बनाया है। लेकिन शुक्रवार देर रात परिसर के पास हुई वारदात के बाद भी इस ऑफिस में पर कोई जिम्मेदार कर्मचारी नहीं था। साथ ही यहां ताला लटका मिला।
बॉक्स
बस किसी तरह बच गई जान (फोटो)
धमके से पहले वैष्णव ढाबे पर रोज की तरह यात्रियों को खाना परोसा जा रहा था। इतने में जोरादर धमाका हुआ। सब सहम गए। आवाज की तरफ काफी लोग दौड़े। पता चला कि ढाबे के ऊपर ग्रेनेड गिरा था, जो कि बस स्टैंड की तरफ फेंका जा रहा था। विजय कुमार ने बताया कि वारदात के वक्त उनके भाई विकास ढाबे में कारीगरों के साथ काम कर रहे थे। उन्होंने फोन कर सूचना दी। इसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबके सलामत रहने पर सबसे पहले भगवान को शुक्रिया कहा।
वर्जन
बस स्टैंड पर काफी लोगों को रोजाना आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में किसी बड़ी अनहोनी होने से बचाने के लिए यहां की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जानी चाहिए।
- आकाश, दुकानदार (फोटो)
......
नए बस स्टैंड के बनने तक मौजूदा हालात को देखते हुए यहां सुरक्षा उपकरण लगाए जाने चाहिए। वहीं इस क्षेत्र के लिए पुलिस कर्मियों की संख्या में इजाफा करना चाहिए।
- विजय गुप्ता, दुकानदार (फोटो)
हमला होते ही कर दिया था अलर्ट
हमला होने के दस मिनट बाद ही पुलिस के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। पूरे इलाके में अलर्ट कर दिया गया था। पुलिस ने शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है। हर जगह अलर्ट है।
- एम के सिन्हा, आईजी, जम्मू
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प्रारंभिक जांच में मामले को आतंकी घटना से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन पिछले सात महीनों में पुलिस और सुरक्षा अधिकारी ने बस स्टैंड पर आने वाले हजारों यात्रियों व यहां मौजूद व्यापारियों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत नहीं समझी। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि शुक्रवार देर रात की कथित ग्रेनेड हमले की वारदात के बाद भी बस स्टैंड के अंदर पुलिस सतर्क नहीं दिखी।
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शनिवार को बस स्टैंड के अंदर मौजूद दुकानदारों व व्यापारियों ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि रात से वहां कोई सघन चेकिंग अभियान नहीं चलाया गया। रात से ही आशंका जाहिर की जा रही थी कि यह आतंकी वारदात हो सकती है। लेकिन बस स्टैंड थाना पुलिस और अन्य फोर्स ने बड़े खतरे को भापते हुए पूरे परिसर की जांच की जहमत नहीं उठाई। वहीं पूरे दिन भर बस स्टैंड पर पुलिस फोर्स की चहलकदमी न के बराबर ही रही।
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नहीं है सुरक्षा जांच उपकरण (फोटो)
बस स्टैंड में यात्री प्रवेश व निकास के लिए इंद्रा चौक रोड और बीसी रोड से दो रास्ते हैं। मई में इसी तरह के ग्रेनेड हमले के बाद भी यहां आज तक मेटल डिटेक्टर गेट नहीं लगा। चेंकिंग के लिए पुलिसकर्मी भी यहां मौजूद नहीं रहते। रोजाना हजारों यात्री सामान लेकर बिना जांच के प्रवेश करते हैं। ऐसे में इस बस स्टैंड पर बेगुनाह यात्रियों के साथ आतंकी मंसूबों का निशाना बन सकता है।
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सिर्फ सीआईएसएफ पर है जिम्मेदारी...? (फोटो)
इंद्र चौक से बस स्टैंड के अंदर जाने वाले रास्ते पर सिर्फ सीआईएसएफ के जवान ही मुस्तैद दिखे। महज दो जवानों ने मुख्य गेट पर सुरक्षा संभाल रखी थी। लेकिन स्टैंड के अंदर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी नजर आए।
सुरक्षा के नाम पर मिला ताला (फोटो)
बस स्टैंड के अंदर जेडीए ने सिक्योरिटी ऑफिस बनाया है। लेकिन शुक्रवार देर रात परिसर के पास हुई वारदात के बाद भी इस ऑफिस में पर कोई जिम्मेदार कर्मचारी नहीं था। साथ ही यहां ताला लटका मिला।
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बस किसी तरह बच गई जान (फोटो)
धमके से पहले वैष्णव ढाबे पर रोज की तरह यात्रियों को खाना परोसा जा रहा था। इतने में जोरादर धमाका हुआ। सब सहम गए। आवाज की तरफ काफी लोग दौड़े। पता चला कि ढाबे के ऊपर ग्रेनेड गिरा था, जो कि बस स्टैंड की तरफ फेंका जा रहा था। विजय कुमार ने बताया कि वारदात के वक्त उनके भाई विकास ढाबे में कारीगरों के साथ काम कर रहे थे। उन्होंने फोन कर सूचना दी। इसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबके सलामत रहने पर सबसे पहले भगवान को शुक्रिया कहा।
वर्जन
बस स्टैंड पर काफी लोगों को रोजाना आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में किसी बड़ी अनहोनी होने से बचाने के लिए यहां की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जानी चाहिए।
- आकाश, दुकानदार (फोटो)
......
नए बस स्टैंड के बनने तक मौजूदा हालात को देखते हुए यहां सुरक्षा उपकरण लगाए जाने चाहिए। वहीं इस क्षेत्र के लिए पुलिस कर्मियों की संख्या में इजाफा करना चाहिए।
- विजय गुप्ता, दुकानदार (फोटो)
हमला होते ही कर दिया था अलर्ट
हमला होने के दस मिनट बाद ही पुलिस के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। पूरे इलाके में अलर्ट कर दिया गया था। पुलिस ने शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है। हर जगह अलर्ट है।
- एम के सिन्हा, आईजी, जम्मू