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जम्मू में बजट से मिली निराशा रेलवे कर्मचारियों ने निजीकरण का किया विरोध
Sat, 06 Jul 2019 02:12 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jul 2019 02:12 AM IST
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भारतीय रेल
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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केंद्र की मोदी सरकार -2 ने शुक्रवार को अपना पहला बजट जारी किया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रेल बजट को प्रस्तुत करते हुए कहा कि रेलवे को निजी भागीदारी से विकसित किया जाएगा, जिसमें रेलवे स्टेशन को आधुनिकीकरण किया जाएगा।
रेल बजट में फिरोजपुर डिवीजन के आधीन आने वाले जम्मू, कटड़ा, उधमपुर, कठुआ सहित अन्य रेलवे स्टेशनों के लिए कोई नया सौगात नहीं है। बजट में रेलवे कर्मचारियों के मुद्दों को भी नजरअंदाज किया गया है। इसमें न्यू पेंशन स्कीम को रद्द करने की मुख्य मांग थी।
नॉर्दर्न रेलवे मेंस फेडरेशन के शाखा सचित शैम्बेर सिंह ने कहा कि यह बजट रेलवे और कर्मचारी विरोधी है। रेलवे का जिस तरह निजीकरण किया जा रहा है, वह चिंता का कारण है। पीपीपी माडल के तहत रेलवे के विकास करने से रेलवे कर्मचारियों को सबसे अधिक नुकसान होगा।
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जिस बात का विरोध देश भर में रेलवे कर्मचारी कर रहे थे, बजट में उसी बात पर मुहर लगाई है। केंद्र सरकार ने रेलवे के सात उत्पाद इकाइयों का निगमीकरण करने और कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन निजी ऑपरेटर द्वारा कराए जाने का आदेश जारी किया है। रेलवे मंत्रालय का सौ दिन का एक्शन प्लान रेलवे में निजीकरण और निगमीकरण की ही शुरुआत थी। जिस पर मुहर लग गई। बजट में देश भर में 657 किमी. का मेट्रो रेल नेटवर्क बनाने की बात है।
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रेल बजट में फिरोजपुर डिवीजन के आधीन आने वाले जम्मू, कटड़ा, उधमपुर, कठुआ सहित अन्य रेलवे स्टेशनों के लिए कोई नया सौगात नहीं है। बजट में रेलवे कर्मचारियों के मुद्दों को भी नजरअंदाज किया गया है। इसमें न्यू पेंशन स्कीम को रद्द करने की मुख्य मांग थी।
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नॉर्दर्न रेलवे मेंस फेडरेशन के शाखा सचित शैम्बेर सिंह ने कहा कि यह बजट रेलवे और कर्मचारी विरोधी है। रेलवे का जिस तरह निजीकरण किया जा रहा है, वह चिंता का कारण है। पीपीपी माडल के तहत रेलवे के विकास करने से रेलवे कर्मचारियों को सबसे अधिक नुकसान होगा।
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जिस बात का विरोध देश भर में रेलवे कर्मचारी कर रहे थे, बजट में उसी बात पर मुहर लगाई है। केंद्र सरकार ने रेलवे के सात उत्पाद इकाइयों का निगमीकरण करने और कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन निजी ऑपरेटर द्वारा कराए जाने का आदेश जारी किया है। रेलवे मंत्रालय का सौ दिन का एक्शन प्लान रेलवे में निजीकरण और निगमीकरण की ही शुरुआत थी। जिस पर मुहर लग गई। बजट में देश भर में 657 किमी. का मेट्रो रेल नेटवर्क बनाने की बात है।