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देशभर से लंगर संगठनों ने राज्य का रुख किया
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देशभर से लंगर संगठनों का रियासत में आना शुरू
18 जून को जवाहर टनल पार कर यात्रा ट्रैक पर पहुंचेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अमरनाथ यात्रा का काउंट डाउन शुरू हो गया है। जवाहर टनल से 18 जून को घाटी के लिए छोड़ने की अनुमति मिलने पर देशभर से लंगर संगठनों ने रियासत में आना शुरू कर दिया है। अगले एक-दो दिन में लंगर वाले सैकड़ों ट्रक राज्य में प्रवेश करेंगे। लंगर संगठन पारंपरिक पहलगाम और बालटाल ट्रैक तक पहुंचकर बाबा बर्फानी के भक्तों की सेवा के लिए तैयारी करेंगे। दोनों यात्रा ट्रैक पर 115 लंगर लगाए जा रहे हैं।
पिस्सू टाप, पोशपत्री, चंदनबाड़ी, शेषनाग, पवित्र गुफा सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लंगर लगाने वाले संगठनों ने साजो सामान के साथ जम्मू-कश्मीर के लिए आना शुरू कर दिया है। 17 जून तक सैकड़ों लंगर ट्रक जवाहर टनल तक पहुंच जाएंगे। इसमें 17-18 की मध्य रात्रि ट्रकों को घाटी के लिए छोड़ा जाएगा। इसमें प्रत्येक लंगर संगठन के साथ औसतन 5-6 ट्रक सामान व अन्य चीजें आएंगी। आगामी दिनों में करीब सात सौ लंगर ट्रकों से जम्मू-कश्मीर पर लोड बढ़ेगा।
श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (साबलो) महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि लंगर संगठनों की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और देश के विभिन्न हिस्सों से लंगर संगठनों ने जम्मू-कश्मीर जाना शुरू कर दिया है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, एचपी, यूपी, राजस्थान, गुजरात आदि राज्यों के लंगर संगठन यात्रियों की सेवा के लिए पहुंचते हैं। इसमें पहले टेंट आदि लगाकर गोदाम तैयार किए जाते हैं। इसमें कई-कई दिन का स्टाक लंगर गोदाम में रखा जाता है, ताकि शिव भक्तों को कोई परेशानी न हो। भौगोलिक स्थिति और मौसम को देखते हुए लंगर स्थलों के ढांचे को तैयार किया जाएगा। इस बार श्राइन बोर्ड की ओर से लंगर स्थापित करने के लिए कई शर्तें रखी गई हैं। इससे पहले 21 जून को जवाहर टनल पार करने की अनुमति से श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और लंगर संगठनों के बीच विवाद था। बाद में बोर्ड ने फैसला बदल लिया था। लंगर लगाने वाली गैर सरकारी संस्थाओं को राशन पर जम्मू-कश्मीर में टोल टैक्स माफ किया गया है।
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बाबा बर्फानी के दर्शन की तैयारी
1. ट्रांजिट कैंप-एफसी गोदाम मीर बाजार, वालनट फैक्ट्री काजीगुंड, गुलाम बाग काजीगुंड (कश्मीर), कठुआ और सांबा (जम्मू संभाग)
2. यात्रा ट्रैक पर 31 केएएस कैंप निदेशकों की नियुक्ति, 20 को सीईओ कार्यालय में रिपोर्ट करेंगे
3. लखनपुर से बनिहाल तक पचास चिकित्सा केंद्र कवर करेंगे। इसमें लखनपुर से बनिहाल तक 43 और बाया मुगल रोड यात्रियों के लिए सात केंद्र स्थापित होंगे।
4. बालटाल, शेषनाग, चंदनबाड़ी, पहलगाम और पवित्र गुफा के पास आटोमेटिक वेदर सिस्टम स्थापित होंगे
5. अमरनाथ यात्रियों को 27 रेस्क्यू टीमें सुरक्षा कवच देंगी, 12 एवलांच रेस्क्यू टीमें तैनात होंगी
6. कठुआ, जम्मू, उधमपुर, रामबन में यात्रियों के रुकने के लिए 71 पड़ाव स्थापित होंगे, 17 स्थानों पर मोबाइल टायलेट और 105 लंगर स्थापित होंगे
7. जम्मू में संगम, सरस्वती धाम, वैष्णवी धाम, राम मंदिर पुरानी मंडी आदि स्थानों पर आन स्पॉट पंजीकरण केंद्र स्थापित होंगे
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18 जून को जवाहर टनल पार कर यात्रा ट्रैक पर पहुंचेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अमरनाथ यात्रा का काउंट डाउन शुरू हो गया है। जवाहर टनल से 18 जून को घाटी के लिए छोड़ने की अनुमति मिलने पर देशभर से लंगर संगठनों ने रियासत में आना शुरू कर दिया है। अगले एक-दो दिन में लंगर वाले सैकड़ों ट्रक राज्य में प्रवेश करेंगे। लंगर संगठन पारंपरिक पहलगाम और बालटाल ट्रैक तक पहुंचकर बाबा बर्फानी के भक्तों की सेवा के लिए तैयारी करेंगे। दोनों यात्रा ट्रैक पर 115 लंगर लगाए जा रहे हैं।
पिस्सू टाप, पोशपत्री, चंदनबाड़ी, शेषनाग, पवित्र गुफा सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लंगर लगाने वाले संगठनों ने साजो सामान के साथ जम्मू-कश्मीर के लिए आना शुरू कर दिया है। 17 जून तक सैकड़ों लंगर ट्रक जवाहर टनल तक पहुंच जाएंगे। इसमें 17-18 की मध्य रात्रि ट्रकों को घाटी के लिए छोड़ा जाएगा। इसमें प्रत्येक लंगर संगठन के साथ औसतन 5-6 ट्रक सामान व अन्य चीजें आएंगी। आगामी दिनों में करीब सात सौ लंगर ट्रकों से जम्मू-कश्मीर पर लोड बढ़ेगा।
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श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (साबलो) महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि लंगर संगठनों की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और देश के विभिन्न हिस्सों से लंगर संगठनों ने जम्मू-कश्मीर जाना शुरू कर दिया है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, एचपी, यूपी, राजस्थान, गुजरात आदि राज्यों के लंगर संगठन यात्रियों की सेवा के लिए पहुंचते हैं। इसमें पहले टेंट आदि लगाकर गोदाम तैयार किए जाते हैं। इसमें कई-कई दिन का स्टाक लंगर गोदाम में रखा जाता है, ताकि शिव भक्तों को कोई परेशानी न हो। भौगोलिक स्थिति और मौसम को देखते हुए लंगर स्थलों के ढांचे को तैयार किया जाएगा। इस बार श्राइन बोर्ड की ओर से लंगर स्थापित करने के लिए कई शर्तें रखी गई हैं। इससे पहले 21 जून को जवाहर टनल पार करने की अनुमति से श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और लंगर संगठनों के बीच विवाद था। बाद में बोर्ड ने फैसला बदल लिया था। लंगर लगाने वाली गैर सरकारी संस्थाओं को राशन पर जम्मू-कश्मीर में टोल टैक्स माफ किया गया है।
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बाबा बर्फानी के दर्शन की तैयारी
1. ट्रांजिट कैंप-एफसी गोदाम मीर बाजार, वालनट फैक्ट्री काजीगुंड, गुलाम बाग काजीगुंड (कश्मीर), कठुआ और सांबा (जम्मू संभाग)
2. यात्रा ट्रैक पर 31 केएएस कैंप निदेशकों की नियुक्ति, 20 को सीईओ कार्यालय में रिपोर्ट करेंगे
3. लखनपुर से बनिहाल तक पचास चिकित्सा केंद्र कवर करेंगे। इसमें लखनपुर से बनिहाल तक 43 और बाया मुगल रोड यात्रियों के लिए सात केंद्र स्थापित होंगे।
4. बालटाल, शेषनाग, चंदनबाड़ी, पहलगाम और पवित्र गुफा के पास आटोमेटिक वेदर सिस्टम स्थापित होंगे
5. अमरनाथ यात्रियों को 27 रेस्क्यू टीमें सुरक्षा कवच देंगी, 12 एवलांच रेस्क्यू टीमें तैनात होंगी
6. कठुआ, जम्मू, उधमपुर, रामबन में यात्रियों के रुकने के लिए 71 पड़ाव स्थापित होंगे, 17 स्थानों पर मोबाइल टायलेट और 105 लंगर स्थापित होंगे
7. जम्मू में संगम, सरस्वती धाम, वैष्णवी धाम, राम मंदिर पुरानी मंडी आदि स्थानों पर आन स्पॉट पंजीकरण केंद्र स्थापित होंगे