फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   154 kanal land in Jammu Marble Market will be removed from illegal possession

जम्मू मार्बल मार्केट में 154 कनाल सरकारी भूमि से हटेगा अवैध कब्जा

Wed, 14 Oct 2020 06:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 14 Oct 2020 06:07 AM IST
सार

  • हाईकोर्ट ने जारी किए आदेश, डिली गांव में पड़ती जमीन पर है बड़ी मछलियों का कब्जा
  • अतिक्रमणकारियों में बड़े कारोबारी, नेता, पुलिस अफसरों के नाम भी शामिल

विज्ञापन
154 kanal land in Jammu Marble Market will be removed from illegal possession
हाईकोर्ट का आदेश... - फोटो : amar ujala

विस्तार

शहर के मार्बल मार्केट स्थित डिली गांव में खसरा नंबर 781 में 154 कनाल जेडीए भूमि से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि इस जमीन को वापस लिया जाए। इस जमीन पर शहर के बड़े कारोबारियों, नेताओं, पुलिस अफसरों ने अतिक्रमण कर रखा है।

विज्ञापन


मंगलवार को चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस राजेश बिंदल वाली खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की। एडवोकेट शकील अहमद ने कोर्ट को बताया कि मार्बल मार्केट में शहर की बेशकीमती 154 कनाल जमीन पर अवैध कब्जे हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि रोशनी योजना के तहत पहले से ही हाईकोर्ट ने सख्ती से निपटने के आदेश दे दिए हैं। सीबीआई को मामले की जांच सौंप दी गई है। सरकार कानून के तहत 154 कनाल जमीन को वापस ले। जेएनएफ
विज्ञापन


हाईकोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन ने बनाया आयोग
एडवोकेट शकील अहमद ने कहा कि यह अतिक्रमण बड़ी-बड़ी मछलियों ने कर रखा है। वर्ष 2004 से अतिक्रमण छुड़ाने के लिए न तो जेडीए और ना ही किसी और विभाग ने जोर लगाया। असल में अतिक्रमण का सारा खेल ही जेडीए और राजस्व विभाग की मिलीभगत से अंजाम दिया गया है। हाल ही में हाईकोर्ट के इस मामले में सख्त रुख के दिखाने के बाद जिला उपायुक्त जम्मू ने खसरा नंबर 781 की 154 भूमि की निशानदेही के लिए आयोग गठित किया है। यह आयोग अब जाकर अवैध कब्जे के अधीन सरकारी जमीन की पहचान करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन पर दो दिन में मांगा हलफनामा
हाईकोर्ट ने राजस्व विभाग को आदेश दिया है कि रिकॉर्ड डिजिटाइज की प्रक्रिया और तकनीक को लेकर दो दिन के भीतर हलफनामा दाखिल करें। रोशनी योजना के तहत तमाम दस्तावेज और आवेदन राजस्व विभाग की आधिकारिक वेेबसाइट पर सार्वजनिक करने होंगे, इसके लिए तमाम रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाए। रिकॉर्ड से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पवन कोतवाल की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि राजस्व रिकार्ड को पूरी तरह से आनलाइन किया जा रहा है। रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया चल रही है। रिकॉर्ड संबंधी आदेश की प्रति मुख्य सचिव और राजस्व विभाग के सचिव के अलावा जम्मू और कश्मीर संभागों के मंडलायुक्तों को भी दी जाए। कोर्ट ने मामले के महत्व को देखते हुए अगली सुनवाई 15 अक्तूबर के लिए फिर से अधिसूचित करने के निर्देश दिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed