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मनरेगा का मेहनताना नहीं मिलने पर फूटा गुस्सा
Updated Sun, 09 Sep 2018 01:32 AM IST
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कठुआ। मनरेगा के तहत पिछले चार साल से लंबित मेहनताना जारी न किए जाने पर बनी में लोगों ने रोष रैली निकाली। इसके बाद बीडीओ बनी के कार्यालय की तालाबंदी भी कर दी। प्रदर्शनकारियों ने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया है कि दूरदराज बनी और डुग्गन के बड़ी तादाद में मनरेगा के तहत काम करने वाले लोगों को उनके हक से महरूम रखा गया है।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे उत्तम चंद गोस्वामी ने बताया कि शनिवार सुबह बनी कसबे में रोष रैली निकाली गई जो बीडीओ कार्यालय पहुंची। रोष स्वरूप लोगों ने बीडीओ कार्यालय में धरना देते हुए कार्यालय को ताला लगा दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 के बाद से ग्रामीण विकास विभाग ने क्षेत्र के लोगों के हक उन्हें दिए नहीं है। मनरेगा के तहत सौ दिन के रोजगार की गारंटी तो पूरी कर दी गई लेकिन अधिकारी मेहनताना जारी नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि इसके बाद से ही लोगों ने मनरेगा के तहत काम करना बंद कर दिया है और यही वजह है कि क्षेत्र में विकास कार्य रुके पड़े हैं। उन्होंने बताया कि डुग्गन और बनी दोनों ऐसे इलाके हैं जहां विकास की जरूरत है और लोगों ने पूरा सहयोग भी किया है, लेकिन यह लापरवाही ही है कि उनके अधिकारों से उनको वंचित रखा गया है। एसडीएम के आश्वासन के बाद लोगों ने बीडीओ कार्यालय को खोल दिया। प्रदर्शनकारियों में विशंभर दास, ठाकुर दास, पूर्व सरपंच सुशील, अजीत आदि शामिल रहे।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे उत्तम चंद गोस्वामी ने बताया कि शनिवार सुबह बनी कसबे में रोष रैली निकाली गई जो बीडीओ कार्यालय पहुंची। रोष स्वरूप लोगों ने बीडीओ कार्यालय में धरना देते हुए कार्यालय को ताला लगा दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 के बाद से ग्रामीण विकास विभाग ने क्षेत्र के लोगों के हक उन्हें दिए नहीं है। मनरेगा के तहत सौ दिन के रोजगार की गारंटी तो पूरी कर दी गई लेकिन अधिकारी मेहनताना जारी नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि इसके बाद से ही लोगों ने मनरेगा के तहत काम करना बंद कर दिया है और यही वजह है कि क्षेत्र में विकास कार्य रुके पड़े हैं। उन्होंने बताया कि डुग्गन और बनी दोनों ऐसे इलाके हैं जहां विकास की जरूरत है और लोगों ने पूरा सहयोग भी किया है, लेकिन यह लापरवाही ही है कि उनके अधिकारों से उनको वंचित रखा गया है। एसडीएम के आश्वासन के बाद लोगों ने बीडीओ कार्यालय को खोल दिया। प्रदर्शनकारियों में विशंभर दास, ठाकुर दास, पूर्व सरपंच सुशील, अजीत आदि शामिल रहे।
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