पाकिस्तानी गोलाबारी से पुंछ नगर में मची तबाही और अकेले नगर में 13 लोगों की मौत हो जाने से हर तरफ मातम पसरा हुआ है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुंछ का दौरा कर गोलाबारी से पीड़ितों से मुलाकात की, जिससे उनका दर्द छलक गया। पीड़ितों ने सरकार से मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा देने के साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। नगर में बंकर के निर्माण की भी मांग की, ताकि भविष्य में पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी से बचा जा सके।
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घाटी के लोग
- फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तानी गोलाबारी में अपने सेवानिवृत्त फौजी भतीजे को खोने वाले सुरजन सिंह ने कहा कि वे पुंछ छोड़कर नहीं जाएंगे। वह यहीं रहना चाहते हैं, मगर सुरक्षा के लिए सरकार बंकर बनवाकर दे। वहीं अपने चचेरे भाई को खोने वाले मनमोहन सिंह ने कहा कि इस बार नगर में भारी नुकसान हुआ है। पाकिस्तानी गोलाबारी में हमने अपने भाई के साथ कई जानें गंवाई हैं। पाकिस्तान पर भरोसा नहीं कर सकते। अगर वह फिर गोलाबारी करता है तो अपनों की जान बचाने के लिए सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए।
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घाटी के लोग
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घरों का हाल देख लोग बेहाल, बोले-नए सिरे से करनी होगी शुरुआत
लंबे समय बाद रविवार की रात बिना गोलाबारी के गुजरी तो तंगधार के कई लोगों ने घर वापसी की राह पकड़ी। उजड़े घरों का हाल देख लोग बेहाल हो गए। मकान, दुकान, वाहन क्षतिग्रस्त मिले। लोगों का कहना है कि नए सिरे से फिर शुरुआत करनी होगी। इतना पैसा भी नहीं कि घर से फिर से बनवा सकें। सरकार मदद करे तो राहत मिल सकती है।
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पाकिस्तानी गोलीबारी में तबाह घर
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शनिवार को संघर्ष विराम के बाद भी पाकिस्तान ने रात में कुछ जगह गोलाबारी की थी। रविवार की रात राहतभरी रही। हालांकि प्रशासन ने लोगों को अभी सुरक्षित जगह रुकने कि लिए कहा है, क्योंकि सीमावर्ती क्षेत्र में बिना फटे बम हो सकते हैं। पाकिस्तान ने तंगधार में मंगलवार रात से ही कहर ढा रखा था। चार रोज तक हर रात भारी गोलाबारी की गई। इन चार दिनों में त्रिबुनि, शमसपोरा, बागबेला, दिलदार, भटपोरा, नवगाबरा आदि गांवों में 100 से ज्यादा इमारतें तबाह हो गई हैं। करीब 50 वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
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घर तो लौटे लोग, मगर आशंका बरकरार
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घर तो लौटे लोग, मगर आशंका बरकरार
भारत-पाक युद्धविराम के बाद जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। युद्धविराम के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। मढ़ विधानसभा क्षेत्र के सीमावर्ती गांव गोलपत्तन और गजनसु बाजार में रौनक लौटने लगी है और लोग अपने कामों में व्यस्त हो गए हैं। हालांकि, आशंका अभी बरकरार है।