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हड़ताल बंद करने को तैयार नहीं सफाई कर्मी
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उधमपुर। अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी बनाने व अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर सफाई कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल को शनिवार को छठे दिन जारी रखते हुए नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सफाई कर्मचारियों ने कहा कि जब तक सभी मांगे पूरी नहीं होगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
सफाई कर्मचारी यूनियन के उप प्रधान डेविड के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारियों ने कहा कि हड़ताल के छठे दिन पहुंचने के बावजूद एक भी मांग को पूरा नहीं किया गया है। इतना ही नहीं अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई अधिकारी बातचीत के लिए भी नहीं आया है। इससे साफ पता चलता है कि प्रशासन उनकी लंबित मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि नियम अनुसार सात वर्ष का अस्थायी कार्यकाल पूरा होने के बाद स्थायी सफाई कर्मचारी बनाया जाना चाहिए, लेकिन दस वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थायी कर्मचारी नहीं बनाया जा रहा है। नगर परिषद को छोड़ अन्य सभी विभागो में सरकारी छुट्टी के दिन काम करने पर कर्मचारी को महीने बाद वेतन के साथ ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन दिया जाता है, लेकिन सफाई कर्मचारियों को सरकार कुछ नहीं दे रही है। शहर में वार्ड की संख्या 17 से 21 हो गई है, जबकि सफाई कर्मचारियों की संख्या आज भी वही है। इतना ही नहीं कई कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले है। फिर भी सरकार स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए नए कर्मचारी नियुक्त नहीं कर रही है। एमपीएस का पैसा खाते में जमा करने की मांग को भी अनदेखा कर दिया गया है। सफाई कर्मचारियों ने कई बार लंबित मांगों को लेकर हड़ताल व प्रदर्शन किया। हर बार सरकार की तरफ से झठा आश्वासन देकर हड़ताल को बंद करवा दिया गया। अब सफाई कर्मचारी बार बार मिलने वाले झूठे आश्वासनों से परेशान हो चुके हैं और मजबूर होकर एक बार फिर से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं। जब तक उनकी सभी मांगे पूरी नहीं हो जाती है, तब तक अपनी हड़ताल व प्रदर्शन इसी तरह से जारी रहेगी।
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सफाई कर्मचारी यूनियन के उप प्रधान डेविड के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारियों ने कहा कि हड़ताल के छठे दिन पहुंचने के बावजूद एक भी मांग को पूरा नहीं किया गया है। इतना ही नहीं अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई अधिकारी बातचीत के लिए भी नहीं आया है। इससे साफ पता चलता है कि प्रशासन उनकी लंबित मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि नियम अनुसार सात वर्ष का अस्थायी कार्यकाल पूरा होने के बाद स्थायी सफाई कर्मचारी बनाया जाना चाहिए, लेकिन दस वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थायी कर्मचारी नहीं बनाया जा रहा है। नगर परिषद को छोड़ अन्य सभी विभागो में सरकारी छुट्टी के दिन काम करने पर कर्मचारी को महीने बाद वेतन के साथ ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन दिया जाता है, लेकिन सफाई कर्मचारियों को सरकार कुछ नहीं दे रही है। शहर में वार्ड की संख्या 17 से 21 हो गई है, जबकि सफाई कर्मचारियों की संख्या आज भी वही है। इतना ही नहीं कई कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले है। फिर भी सरकार स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए नए कर्मचारी नियुक्त नहीं कर रही है। एमपीएस का पैसा खाते में जमा करने की मांग को भी अनदेखा कर दिया गया है। सफाई कर्मचारियों ने कई बार लंबित मांगों को लेकर हड़ताल व प्रदर्शन किया। हर बार सरकार की तरफ से झठा आश्वासन देकर हड़ताल को बंद करवा दिया गया। अब सफाई कर्मचारी बार बार मिलने वाले झूठे आश्वासनों से परेशान हो चुके हैं और मजबूर होकर एक बार फिर से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं। जब तक उनकी सभी मांगे पूरी नहीं हो जाती है, तब तक अपनी हड़ताल व प्रदर्शन इसी तरह से जारी रहेगी।
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