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शहर के कई होटलों में सीसीटीवी नहीं
Updated Thu, 22 Nov 2018 01:03 AM IST
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जम्मू। शहर के कई होटलों और लॉज में रुकने वाले लोगों पर नजर रखना सिर्फ पहचान पत्र देखने तक ही सीमित है। कई होटलों में सीसीटीवी भी नहीं हैं।
जानकारी के अनुसार होटलों में जब कोई रुकता है तो सिर्फ औपचारिकता के लिए उसका पहचान पत्र देख लिया जाता है। कई छोटे होटल ऐसे भी हैं, जहां कोई पहचान पत्र नहीं देखा जाता और सीसीटीवी भी नहीं हैं। इससे सुरक्षा में एक बड़ी चूक हो सकती है। दरअसल, एक दिन पहले ही एनआईए की तरफ से नगरोटा में हुए आतंकी हमले की एनआईए कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई। इसमें खुलासा हुआ कि हमला करने वाले आतंकी हमला करने से पहले जम्मू के गुम्मट स्थित होटल जगदंबा में रुके। उनके साथ चार और लोग रुके, जो कश्मीर के रहने वाले हैं। यह चारों आतंकियों के मददगार हैं। सूत्रों का कहना है कि कई कश्मीरी जम्मू में आकर होटलों में रुकते हैं। आतंकियों के लिए काम करने वाले ओवरग्राउंड वर्कर भी होटलों में आकर रुकते हैं।
डीआईजी भीमसेन टूटी ने भी माना कि शहर के कई होटलों में सीसीटीवी नहीं है। इससे न सिर्फ होटलों की सुरक्षा पर सवाल है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में है। पुलिस होटल मालिकों को निर्देश देगी और एक विशेष टीम का इसमें लगाया जाएगा कि हर एक होटल में सीसीटीवी लगे।
होटल मालिक जागरूक हों
शहर के होटल मालिकों को भी चाहिए कि वह होटलों में सीसीटीवी लगाएं। ताकि उनकी खुद की सुरक्षा सुनिश्चित हो। यदि सीसीटीवी होगा तो वह हर समय होटल में आने वालों की गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे।
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जानकारी के अनुसार होटलों में जब कोई रुकता है तो सिर्फ औपचारिकता के लिए उसका पहचान पत्र देख लिया जाता है। कई छोटे होटल ऐसे भी हैं, जहां कोई पहचान पत्र नहीं देखा जाता और सीसीटीवी भी नहीं हैं। इससे सुरक्षा में एक बड़ी चूक हो सकती है। दरअसल, एक दिन पहले ही एनआईए की तरफ से नगरोटा में हुए आतंकी हमले की एनआईए कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई। इसमें खुलासा हुआ कि हमला करने वाले आतंकी हमला करने से पहले जम्मू के गुम्मट स्थित होटल जगदंबा में रुके। उनके साथ चार और लोग रुके, जो कश्मीर के रहने वाले हैं। यह चारों आतंकियों के मददगार हैं। सूत्रों का कहना है कि कई कश्मीरी जम्मू में आकर होटलों में रुकते हैं। आतंकियों के लिए काम करने वाले ओवरग्राउंड वर्कर भी होटलों में आकर रुकते हैं।
डीआईजी भीमसेन टूटी ने भी माना कि शहर के कई होटलों में सीसीटीवी नहीं है। इससे न सिर्फ होटलों की सुरक्षा पर सवाल है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में है। पुलिस होटल मालिकों को निर्देश देगी और एक विशेष टीम का इसमें लगाया जाएगा कि हर एक होटल में सीसीटीवी लगे।
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होटल मालिक जागरूक हों
शहर के होटल मालिकों को भी चाहिए कि वह होटलों में सीसीटीवी लगाएं। ताकि उनकी खुद की सुरक्षा सुनिश्चित हो। यदि सीसीटीवी होगा तो वह हर समय होटल में आने वालों की गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे।
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