शहीद उमर फयाज को आदर्श मानने वाले जम्मू-कश्मीर के 11 युवा भारतीय सेना में बने अधिकारी
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जम्मू-कश्मीर के 11 युवाओं को भारतीय सेना में कमीशन किया गया है। इंडियन मिलिट्री अकादमी से स्नातक कर सेना में कमीशन पाने वाले 479 युवाओं में 11 का जम्मू कश्मीर का होना आतंक के उन आकाओं के चेहरे पर बड़ा तमाचा है जिन्होंने सेना के जांबाज उमर फयाज की हत्या करके कश्मीरी युवाओं को देश की सेवा के लिए जाने से रोकने के मंसूबे पाले थे।
कश्मीर के शोपियां के निवासी उमर फयाज की हत्या कर आतंकियों ने जिन युवाओं को फौज में न जाने का आतंक दिखाने की कोशिश की थी उनमें से कईयों ने भारतीय सेना के रास्ते देश की हिफाजत करने का रास्ता चुन लिया है। ये अफसर अब सेना की विभिन्न रेजीमेंटों में तैनात होने जा रहे हैं।
देहरादून में इंडियन मिलिट्री अकादमी की पासिंग आउट परेड में सैकड़ों युवाओं ने देश की रक्षा की शपथ ली। इस समारोह में खुद सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत भी शामिल हुए। माथे पर अशोक स्तंभ और दिल में देश सेवा के लिए खड़े युवाओं में एक बड़ी संख्या जम्मू-कश्मीर के उन युवाओं की भी थी जो उमर फयाज को अपना आदर्श मानते हैं।
फयाज के साथ जुड़ी हैं कई युवाओं की यादें
सेना में शामिल हुए इन युवाओं में कई फयाज के साथ की यादों को ताजा करते हुए पुराने किस्से दुहराते दिखते हैं। कश्मीरी पंडित आशुतोष ने कहा कि वो फयाज की मौत के बाद सहम गए थे लेकिन इससे आतंकियों के अंत की उनकी इच्छाशक्ति और मजबूत हुई। उन्होने कहा कि उनका सपना था कि उन्हें फौज में कश्मीर घाटी में तैनाती मिल जाए।
वही सेना में कमीशन हुए सलमान कहते हैं कि फयाज एक असीम शक्ति से भरे और विनम्र इंसान थे। उन्होंने कहा कि वो मेरे सीनियर रहे हैं और उनसे मेरा अच्छा रिश्ता रहा है। एक ओर जहां इन युवाओं में सेना में जाने का जोश दिखा तो वहीं इनके अभिवावकों में बच्चों की सफलता पर गर्व भी।