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अक्तूबर महीने से बहाल होगी जम्मू-कश्मीर में 102 और 108 एंबुलेंस सेवा, 24 घंटे लोग उठा सकेंगे लाभ

Fri, 13 Sep 2019 06:53 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Fri, 13 Sep 2019 06:53 PM IST
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102 and 108 ambulance service to get started in Jammu Kashmir from October month
सांकेतिक तस्वीर
जम्मू-कश्मीर में आपात चिकित्सा मामलों के लिए 102 और 108 एंबुलेंस सेवा को अक्तूबर माह से फिर शुरू किया जा रहा है। वर्ष 2014 से 2018 तक करीब साढ़े तीन साल जारी रहने के बाद सेवा को टेंडरिंग में समस्या के चलते बंद कर दिया गया था। अब अक्तूबर के मध्य से सेवा को नए सिरे से शुरू किया जाएगा। जम्मू जिले को 102 सेवा के लिए 20 जबकि 108 सेवाके लिए आठ एंबुलेंस अलॉट हुई हैं। राज्य भर में कुल 416 एंबुलेंस वाहनों को चौबीसों घंटे लगाया जाएगा। सेवा बहाल होने पर जच्चा बच्चा से जुड़े मामलों के लिए टोल फ्री नंबर 102 जबकि अन्य इमरजेंसी मामलों के लिए टोल फ्री नंबर 108 को डायल कर त्वरित रूप से एंबुलेंस सेवा ली जा सकेगी।
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यह एंबुलेंस सेवाएं रोगियों को तत्काल चिकित्सा देखभाल, विशेष रूप से महत्वपूर्ण, ट्रॉमा, आकस्मिक पीड़ितों, गर्भवती महिलाओं और बीमार बच्चों के लिए लगातार काम करेंगी। राज्य के दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में कीमती जिंदगियों को बचाने में यह एंबुलेंस सेवा लाइफलाइन साबित होगी। वरदान साबित होगी। राज्य भर में दोनों एंबुलेंस सेवाएं चौबीस घंटे एक केंद्रीकृत कॉल सेंटर के माध्यम से संचालित होंगी। 102 एंबुलेंस सेवा लक्षित आबादी में गर्भवती महिलाओं, बीमार बच्चों आदि को मुफ्त सेवा प्रदान करेगी। इसमें किसी भी परिस्थिति में परिवहन सेवा प्रदान करने के लिए किसी भी लक्षित लाभार्थी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। 
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इसी तरह 108 एंबुलेंस सेवा मुख्य रूप से एक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली में शामिल होगी। जिसे मुख्य रूप से महत्वपूर्ण देखभाल, आपात और दुर्घटना में घायल आदि रोगियों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। दोनों नंबर की एंबुलेंस के लिए श्रीनगर और जम्मू में एक-एक काल सेंटर स्थापित होंगे। कॉल सेंटरों की सेवाओं को आउटसोर्स किया जाएगा। परियोजना की परिचालन लागत सालाना 69.40 करोड़ रुपये अनुमानित की गई है। सीएमओ जम्मू डॉ. दानिश अयूब खान के अनुसार 102 और 108 एंबुलेंस सेवा को शीघ्र शुरू करने के लिए काम किया जा रहा है। 
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कंपनी से समझौता खत्म होने पर बंद हुई थी सेवा

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अनुमोदन और वित्त पोषण की प्रक्रिया की जाएगी। फरवरी 2018 में संबंधित कंपनी से समझौता खत्म होने पर 102 एंबुलेंस सेवा बंद हो गई थी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन की ओर से इस सुविधा को दोबारा शुरू करने के लिए कई बार टेंडर किए गए। मगर टेंडर प्रक्रिया मुकम्मल नहीं हो पाई। इससे स्वास्थ्य निदेशालय में काल सेंटर बंद रहने के कारण जीपीएस के अलावा जम्मू संभाग के दस जिलों के चिकित्सा केंद्रों की सभी बेसिक एंबुलेंस को आपस में संपर्क कटा हुआ है। इसमें जीपीएस की 200 एंबुलेंस के अलावा कुल 567 एंबुलेंस काम कर रही थीं। इन्हें संभाग के किसी भी क्षेत्र में मरीज या तीमारदार के संपर्क करने पर निकटतम चिकित्सा केंद्र से उपलब्ध करवाया जाता था। 
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