{"_id":"669c50ebd604cb5dce0e2404","slug":"100-ventilator-is-in-store-from-two-years-in-gandhi-nagar-hospital-jammu-news-c-10-jam1008-403865-2024-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: दो साल से स्टोर में पड़े हैं 100 वेंटिलेटर, शुरू होने का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: दो साल से स्टोर में पड़े हैं 100 वेंटिलेटर, शुरू होने का इंतजार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
- कोविड के बाद एमसीएच में पीएम केयर वाले वेंटिलेटर का मरीज को नहीं मिल पाया लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। एमसीएच (जच्चा-बच्चा) अस्पताल गांधीनगर में दो साल से 100 वेंटिलेटर को शुरू होने का इंतजार है। इन वेंटिलेटर को स्टोर में रखा गया है। कोरोना काल के दौरान पीएम केयर फंड के तहत इन वेंटिलेटर को स्थापित किया गया था लेकिन कोविड के बाद मरीजों को इनका लाभ नहीं मिल पाया है।
वर्ष 2020 से 2022 तक एमसीएच अस्पताल को समर्पित कोविड अस्पताल के रूप में चलाया गया। इस अस्पताल में सभी तरह के कोविड मरीजों को रखा गया था। इसके बाद इसे जच्चा-बच्चा अस्पताल के तौर पर शुरू किया गया। मौजूदा अस्पताल में 200 बिस्तर में से करीब 120 बिस्तर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। अस्पताल में ओपीडी के साथ लेबर रूम और इंडोर वार्ड स्थापित किए गए हैं। पांच मंजिला इस अस्पताल में सामान्य 10 वेंटिलेटर स्थापित हैं, जिसमें सामान्य तौर पर चार से पांच प्रयोग में लाए जाते हैं।
विज्ञापन
यहां रोजाना 10 से 12 प्रसव हो रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल में 110 बिस्तर वाला न्यूनेटल यूनिट स्थापित है। ओपीडी में रोजाना 60 से 70 स्त्री और बाल रोग विभाग में मरीजों को देखा जाता है। हालांकि पिछले कुछ सालों में अस्पताल का उस तरह से विस्तार नहीं हो पाया है लेकिन पीएम केयर फंड के तहत आए 100 वेंटिलेटर पिछले दो साल से स्टोर में ही बंद पड़े हुए हैं। इस्तेमाल करने पर पता चलेगा कितने सक्षम हैं
विज्ञापन
अस्पताल प्रशासन की ओर से इन वेंटिलेटरों के रखरखाव का दावा तो किया जा रहा है लेकिन कई सालों से इनके बंद रहने से इनकी गुणवत्ता और क्षमता पर भी सवाल उठता है। अगर भविष्य में इन वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है तो यह उस समय ही पता चल पाएगा कि यह कितने सक्षम होंगे।
हाईएंड वेंटिलेटर से मरीजों को दिया जा रहा उपचार
डॉक्टरों के अनुसार पीएम केयर के तहत आए वेंटिलेटरों को कोविड मरीजों के लिए ही अधिकांश बनाया गया था। इनका मुख्य उद्देश्य पीड़ितों को अधिक प्रेशर में ऑक्सीजन की सप्लाई देना था जबकि अस्पताल के अन्य महत्वपूर्ण यूनिटों में हाईएंड वेंटिलेटर से ही मरीजों को उपचार दिया जा रहा है ।
कोट
पीएम केयर के तहत आए वेंटिलेटर का अभी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। कोविड के दौरान इन वेंटिलेटर का प्रयोग किया गया था। जीएमसी प्रशासन को पत्र लिखा गया है जिसमें इन्हें इस्तेमाल करने के लिए दूसरी जगह शिफ्ट करने को कहा गया है।
-डाॅ. अरुण शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, एमसीएच अस्पताल