अमरनाथ यात्रा: सौ रुपये में मिल रही पानी की बोतल
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सोनमर्ग से श्रीनगर का फासला 40 किलोमीटर के लगभग है, लेकिन जो वाहन रविवार देर शाम से जोजिला के पास फंसे थे, वे बमुश्किल सोनमर्ग पहुंचे।
गौरतलब है कि पिछले दिनों कश्मीर संभाग के कंगन इलाके में बादल फटने से जहां सड़क संपर्क को खासा नुकसान पहुंचा है, वहीं इससे सामान्य जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सबसे हैरत की बात यह है कि अमरनाथ यात्रा पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का दम भरने वाली सरकार ने इस मामले में कोई पहल नहीं की है। लोगों का कहना है कि यदि स्थिति ऐसी ही रही तो यात्रा मार्ग पर फंसे वाहनों को श्रीनगर पहुंचने में अभी दो दिन और लग सकते हैं।
सैकड़ों वाहन श्रीनगर-लेह हाईवे पर फंसे
अमरनाथ श्रद्धालुओं के साथ ही लद्दाख जाने वाले सैकड़ों वाहन श्रीनगर-लेह हाईवे पर फंसे हुए हैं। पिछले तीन दिनों से लगातार स्थिति ऐसी बनी हुई है कि वाहनों को रेंग-रेंग कर आगे बढ़ना पड़ रहा है। न खाने को भोजन मिल पा रहा है और न ही पीने को पानी। प्राकृतिक आपदा के आगे बेबस लोगों को जमकर लूटा जा रहा है।
सोनमर्ग से लेकर श्रीनगर के रास्ते में श्रद्धालुओं और सवारी वाहनों से खानपान की वस्तुओं के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। जहां पानी की बोतल का दाम पांच गुना बढ़कर सौ रुपये हो गया है, वहीं ब्रेड और बिस्कुट भी तीन गुना अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं।
हालांकि सेना की ओर से फंसे हुए लोगों के लिए दिन में एक बार लंगर की व्यवस्था की जाती है, लेकिन इंतजाम कम पड़ गए हैं। ऐसे में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो लेह से दो दिन पहले निकले थे और अभी तक श्रीनगर नहीं पहुंच पाए हैं।