{"_id":"58dabf444f1c1b6b3a63e245","slug":"worship-in-temples-on-navaratri-occasions","type":"story","status":"publish","title_hn":"महामाई की भक्ति में डूबी देविका नगरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महामाई की भक्ति में डूबी देविका नगरी
ब्यूरो/उधमपुर
Updated Wed, 29 Mar 2017 01:23 AM IST
विज्ञापन
navratri festival
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पवित्र नवरात्र के आरंभ होते ही मंगलवार को देविका नगरी पूरी तरह से महामाई के रंग में रंगी हुई नजर आई। सुबह से ही शहरवासियों का शहर व आसपास के इलाकों में स्थित मंदिरों में माथा टेकने के लिए तांता लगना शुरू हो चुका था। जहां श्रद्धालुओं ने विधिवत रूप से पूजन करके परिवार की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की। शाम के समय शहर के विभिन्न हिस्सों में जगराते का आयोजन हुआ।
विज्ञापन
पहले नवरात्र की सुबह होने पर ज्यादातर शहरवासी पवित्र देविका नदी के तट पर पहुंचे, जहां सभी ने पहले तो बावलियों में स्नान किया और फिर मंदिरों में पूजा की। शहर के टी मोड़ इलाके पर स्थित काली माता मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को विशेष तौर सजाया गया था। मंदिर में शहर के साथ ग्रामीण व सैनिक क्वार्टरों से भी सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए पहुंचे।
विज्ञापन
अपनी बारी आने के इंतजार में श्रद्धालु घंटों लंबी कतार में लगे रहे। जखैनी इलाके में स्थित काली माता मंदिर, चबूतरा बाजार स्थित शीतला माता मंदिर, गंगेड़ा की पहाड़ी पर स्थित शारदा माता का मंदिर, रैंबल स्थित काली माता मंदिर व अन्य कई मंदिरों में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने महामाई के चरणों में शीश झुका कर पूजन किया। पूजन के साथ श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ पहले नवरात्र का व्रत भी रखा। सुबह से लेकर रात तक शहर व आसपास के इलाकों में सिर्फ महामाई के भजन ही सुनाई दे रहे थे।
विज्ञापन