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बडगाम में फर्जी भर्ती गिरोह का भंडाफोड़: वकील और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी गिरफ्तार
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श्रीनगर। मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया। एक वकील और एक स्थानीय राजनेता को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों पर जाली सरकारी नियुक्ति पत्र, निजी क्षेत्र में नौकरियों और फर्जी कल्याणकारी योजनाओं के नाम पर बेरोजगार युवाओं से धोखाधड़ी करने का आरोप है। आरोपियों की पहचान रटसुन बीरवाह निवासी एडवोकेट जहांगीर अहमद डार और जबगुल बीरवाह निवासी फिरदौस नबी के रूप में हुई है। फिरदौस नबी ''जम्मू कश्मीर पीपुल्स फ्रंट'' (जेकेपीएफ) का अध्यक्ष है और पूर्व में संसदीय चुनाव भी लड़ चुका है, जो बाद में नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हो गया था।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह जिले भर के कई युवाओं को आकर्षक पदों का झांसा देकर और फर्जी दस्तावेज थमाकर ठगी का शिकार बना रहा था। जांच के दौरान पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की फर्जी मुहरों वाला एक जाली आधिकारिक पत्र भी जब्त किया है। यह पत्र केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन के नाम से जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक नलिन प्रभात को जारी दिखाया गया था। इसमें गृह मंत्रालय के सीधे आदेशों का हवाला देते हुए बडगाम के विभिन्न गांवों के दस युवकों को विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) के रूप में तुरंत नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था।
औपचारिक शिकायतों के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर बीरवाह पुलिस स्टेशन में पूछताछ की जा रही है। मामले में अब तक बीरवाह थाने में दो प्राथमिकी और एक ''जीरो एफआईआर'' दर्ज की गई है। इसे बाद में बडगाम थाने स्थानांतरित कर दिया गया। एसएसपी बडगाम हरिप्रसाद केके की देखरेख में एसएचओ बीरवाह मुदस्सिर नजीर के नेतृत्व वाली विशेष टीम इस मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और गिरोह के अन्य संपर्कों का पता चलते ही आने वाले दिनों में और मामले दर्ज होने के साथ-साथ नई गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
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पुलिस के अनुसार यह गिरोह जिले भर के कई युवाओं को आकर्षक पदों का झांसा देकर और फर्जी दस्तावेज थमाकर ठगी का शिकार बना रहा था। जांच के दौरान पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की फर्जी मुहरों वाला एक जाली आधिकारिक पत्र भी जब्त किया है। यह पत्र केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन के नाम से जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक नलिन प्रभात को जारी दिखाया गया था। इसमें गृह मंत्रालय के सीधे आदेशों का हवाला देते हुए बडगाम के विभिन्न गांवों के दस युवकों को विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) के रूप में तुरंत नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था।
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औपचारिक शिकायतों के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर बीरवाह पुलिस स्टेशन में पूछताछ की जा रही है। मामले में अब तक बीरवाह थाने में दो प्राथमिकी और एक ''जीरो एफआईआर'' दर्ज की गई है। इसे बाद में बडगाम थाने स्थानांतरित कर दिया गया। एसएसपी बडगाम हरिप्रसाद केके की देखरेख में एसएचओ बीरवाह मुदस्सिर नजीर के नेतृत्व वाली विशेष टीम इस मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और गिरोह के अन्य संपर्कों का पता चलते ही आने वाले दिनों में और मामले दर्ज होने के साथ-साथ नई गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
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