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112 स्कूलों के छात्रों की 83 लाख रुपये से मिटेगी प्यास
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उधमपुर। जिले के 112 सरकारी स्कूलों को 31 मार्च से पहले पानी सुविधा मिल जाएगी। इसके लिए जलशक्ति विभाग ने प्रकिया शुरू कर दी है। वहीं, सरकार की ओर से योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए 83 लाख रुपये की राशि भी उपलब्ध करवाई जा चुकी है। इससे बच्चों को अब पानी के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा। यह पुष्टि जलशक्ति विभाग के एक्सईएन ताज चौधरी ने की है।
उधमपुर जिले में 1500 से अधिक सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से मौजूदा समय में 112 स्कूलों में पानी की सुविधा नहीं है। इस कारण बच्चों और स्टॉफ को पानी के लिए भटकना पड़ता था वहीं शौचालयों का भी प्रयोग नहीं हो पा रहा था। इसका बड़ा कारण जलशक्ति विभाग की ओर से इन स्कूलों तक पाइप लाइन नहीं बिछा पाना है। यह सरकारी स्कूल इतनी दूर हैं कि वहां तक काफी लंबी लाइन बिछानी पड़ेेगी। शिक्षा विभाग इसके लिए लगातार जलशक्ति विभाग के साथ संपर्क करता रहा और जलशक्ति विभाग फंड का रोना रोता रहा। अब जलशक्ति विभाग को इसके लिए जलजीवन मिशन के तहत 83 लाख रुपये की राशि उपलब्ध हो गई है। जलशक्ति विभाग को सरकार ने इन स्कूलों तक पानी की सप्लाई पहुंचाने के लिए विशेष तौर पर राशि प्रदान की है।
शौचालय का भी कर सकेंगे इस्तेमाल
स्कूलों में पानी की सप्लाई पहुंचने पर विद्यार्थी व शिक्षक शौचालय का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों के अंदर कई वर्ष पहले शौचालय का निर्माण कर दिया था, लेकिन पानी की सुविधा नहीं होने के कारण आज तक इस्तेमाल नहीं कर सके हैं। कई शौचालयों में तो कई वर्षों से ताला लटका हुआ है। कुछ तो पानी नहीं होने के कारण ब्लॉक हो गए हैं।
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मिड-डे-मील बनानें में भी मिलेगी सहूलियत
पानी नहीं मिलने के कारण मिड-डे-मील बनाने में भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। पहले प्राकृतिक स्रोत से पानी स्कूल तक पहुंचाना पड़ता है और फिर खाना बना कर बच्चों को दिया जाता है। मिड-डे-मील बनाने के बाद वर्तन साफ करने के लिए भी पानी की जरूरत पड़ती है। लेकिन अब पानी की सप्लाई पहुंचने परेशानी नहीं होगी।
जलशक्ति विभाग ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है। स्कूलों में पानी की सप्लाई के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। विभाग को टेंडर के लिए आवदेन करने वालों का इंतजार है। पानी की सुविधा से महरूम ज्यादातर स्कूल रामनगर, चिनैनी और पंचैरी में है। 31 मार्च तक इन स्कूलों में पानी की सप्लाई पहुंचाने का पूरा प्रयास होगा।
-ताज चौधारी, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग, उधमपुर
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उधमपुर जिले में 1500 से अधिक सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से मौजूदा समय में 112 स्कूलों में पानी की सुविधा नहीं है। इस कारण बच्चों और स्टॉफ को पानी के लिए भटकना पड़ता था वहीं शौचालयों का भी प्रयोग नहीं हो पा रहा था। इसका बड़ा कारण जलशक्ति विभाग की ओर से इन स्कूलों तक पाइप लाइन नहीं बिछा पाना है। यह सरकारी स्कूल इतनी दूर हैं कि वहां तक काफी लंबी लाइन बिछानी पड़ेेगी। शिक्षा विभाग इसके लिए लगातार जलशक्ति विभाग के साथ संपर्क करता रहा और जलशक्ति विभाग फंड का रोना रोता रहा। अब जलशक्ति विभाग को इसके लिए जलजीवन मिशन के तहत 83 लाख रुपये की राशि उपलब्ध हो गई है। जलशक्ति विभाग को सरकार ने इन स्कूलों तक पानी की सप्लाई पहुंचाने के लिए विशेष तौर पर राशि प्रदान की है।
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शौचालय का भी कर सकेंगे इस्तेमाल
स्कूलों में पानी की सप्लाई पहुंचने पर विद्यार्थी व शिक्षक शौचालय का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों के अंदर कई वर्ष पहले शौचालय का निर्माण कर दिया था, लेकिन पानी की सुविधा नहीं होने के कारण आज तक इस्तेमाल नहीं कर सके हैं। कई शौचालयों में तो कई वर्षों से ताला लटका हुआ है। कुछ तो पानी नहीं होने के कारण ब्लॉक हो गए हैं।
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मिड-डे-मील बनानें में भी मिलेगी सहूलियत
पानी नहीं मिलने के कारण मिड-डे-मील बनाने में भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। पहले प्राकृतिक स्रोत से पानी स्कूल तक पहुंचाना पड़ता है और फिर खाना बना कर बच्चों को दिया जाता है। मिड-डे-मील बनाने के बाद वर्तन साफ करने के लिए भी पानी की जरूरत पड़ती है। लेकिन अब पानी की सप्लाई पहुंचने परेशानी नहीं होगी।
जलशक्ति विभाग ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है। स्कूलों में पानी की सप्लाई के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। विभाग को टेंडर के लिए आवदेन करने वालों का इंतजार है। पानी की सुविधा से महरूम ज्यादातर स्कूल रामनगर, चिनैनी और पंचैरी में है। 31 मार्च तक इन स्कूलों में पानी की सप्लाई पहुंचाने का पूरा प्रयास होगा।
-ताज चौधारी, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग, उधमपुर