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जल निकायों का विकास व पौधरोपण पर दिया जोर
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उधमपुर। वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण के आयुक्त सचिव संजीव वर्मा ने शुक्रवार को जिले में वन और अन्य क्षेत्रों के तहत चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए उधमपुर का दौरा किया।
इस मौके पर डीसी कार्यालय में आयोजित बैठक में जिले में जलाशयों की स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक कुल 535 तालाबों का विकास एवं जीर्णोद्धार किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से पंचायती राज संस्थाओं और अन्य स्थानीय गैर सरकारी संगठनों की भागीदारी के साथ जलाशयों और इसी तरह के अन्य जल निकायों के कायाकल्प पर भी ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा। उन्होंने जगानू तालाब सहित अन्य तालाबों के विकास के लिए क्षेत्रवार जनसंख्या पर विचार करने के निर्देश दिए।
आयुक्त सचिव ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं को अक्षरश: लागू किया जाए। उन्होंने जिले में संभावित और उच्च उपज वाली वनस्पतियों को प्रोत्साहित करने के अलावा पौधरोपण अभियान को तेज करने पर जोर दिया। पारिस्थितिकी और पर्यावरण के संरक्षण में अधिकारियों की भूमिका पर जोर दिया और उन्हें हर पंचायत को पौधरोपण के लिए दो हजार पौधे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नलकूपों और हैंडपंपों के चारों ओर घने पौधरोपण कवर बनाने के लिए भी कहा, जहां वन भूमि उपलब्ध है।
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उन्होंने अधिकारियों को पंचायती राज संस्थाओं एवं अन्य स्थानीय स्वयंसेवकों के सहयोग से प्रखंडवार एवं पंचायतवार पौधरोपण योजना तैयार करने को कहा। आयुक्त सचिव ने आईडब्ल्यूएमपी और आरडीडी क्षेत्रों के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। इससे पूर्व उपायुक्त इंदु कंवल चिब ने वन, आरडीडी, आईडब्ल्यूएमपी और अन्य संबद्ध क्षेत्रों के तहत किए जा रहे विकास कार्यों का संक्षिप्त विवरण दिया। बैठक में एडीडीसी कांता देवी, परियोजना अधिकारी आईडब्ल्यूएमपी सपना कोतवाल, डीएफओ श्वेता जंडियाल, एसीडी धर्म पॉल, आदि उपस्थित थे।
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इस मौके पर डीसी कार्यालय में आयोजित बैठक में जिले में जलाशयों की स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक कुल 535 तालाबों का विकास एवं जीर्णोद्धार किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से पंचायती राज संस्थाओं और अन्य स्थानीय गैर सरकारी संगठनों की भागीदारी के साथ जलाशयों और इसी तरह के अन्य जल निकायों के कायाकल्प पर भी ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा। उन्होंने जगानू तालाब सहित अन्य तालाबों के विकास के लिए क्षेत्रवार जनसंख्या पर विचार करने के निर्देश दिए।
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आयुक्त सचिव ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं को अक्षरश: लागू किया जाए। उन्होंने जिले में संभावित और उच्च उपज वाली वनस्पतियों को प्रोत्साहित करने के अलावा पौधरोपण अभियान को तेज करने पर जोर दिया। पारिस्थितिकी और पर्यावरण के संरक्षण में अधिकारियों की भूमिका पर जोर दिया और उन्हें हर पंचायत को पौधरोपण के लिए दो हजार पौधे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नलकूपों और हैंडपंपों के चारों ओर घने पौधरोपण कवर बनाने के लिए भी कहा, जहां वन भूमि उपलब्ध है।
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उन्होंने अधिकारियों को पंचायती राज संस्थाओं एवं अन्य स्थानीय स्वयंसेवकों के सहयोग से प्रखंडवार एवं पंचायतवार पौधरोपण योजना तैयार करने को कहा। आयुक्त सचिव ने आईडब्ल्यूएमपी और आरडीडी क्षेत्रों के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। इससे पूर्व उपायुक्त इंदु कंवल चिब ने वन, आरडीडी, आईडब्ल्यूएमपी और अन्य संबद्ध क्षेत्रों के तहत किए जा रहे विकास कार्यों का संक्षिप्त विवरण दिया। बैठक में एडीडीसी कांता देवी, परियोजना अधिकारी आईडब्ल्यूएमपी सपना कोतवाल, डीएफओ श्वेता जंडियाल, एसीडी धर्म पॉल, आदि उपस्थित थे।