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जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव करवाने में जानबुझ कर देरी कर रही सरकार--हर्ष देव सिंह (चेयरमैन जेकेएनपीपी)
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उधमपुर। चिनैनी-घोरडी में दो दिवसीय दौरे पर पंहुचे जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षामंत्री हर्ष देव सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना है कि सरकार प्रदेश के चुनाव में जानबूझकर देरी कर रही है।
विधानसभा क्षेत्र के सत्यालता, घाड़ियां, घोड़ा-नाला सहित विभिन्न गांवों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर प्रदेश में चुनाव नहीं करा रही है। प्रदेश में वर्तमान नौकरशाही का निहित स्वार्थ यहां लोकतांत्रिक सरकार की बहाली में सबसे बड़ी बाधा है। केवल लोगों की चुनी सरकार ही आम जनता की आकांक्षाओं को पूरा कर सकती है।
प्रधान ने प्रदेश में लोकतंत्र की बहाली की मांग की है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने के बाद केंद्र जम्मू कश्मीर में विस चुनाव कराने में आनाकानी कर रहा है। वह नहीं चाहता कि यहां लोकतांत्रिक सरकार की बहाली हो। तीन वर्षों में इसके लिए कोई पहल नहीं की गई है। इससे राजनीतिक प्रक्रिया पूरी तरह निष्क्रिय हो गई है। राजनीतिक दलों को बदनाम और हतोत्साहित किया जा रहा है। विपक्षियों को दबाने का प्रयास जारी है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र एक तमाशा बन गया है, जिसने घाटी समेत अन्य जगहों पर तनाव को जन्म दिया है। इसलिए, जम्मू कश्मीर में मुख्य धारा के राजनीतिक दलों को दबाने की बजाय, इन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इन्हें सामान्य स्थिति की बहाली के लिए विश्वास में लिया जाना चाहिए। बाहरी नौकरशाहों के माध्यम से किया जा रहा शासन यहां की समस्याओं का समाधान नहीं है।
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विधानसभा क्षेत्र के सत्यालता, घाड़ियां, घोड़ा-नाला सहित विभिन्न गांवों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर प्रदेश में चुनाव नहीं करा रही है। प्रदेश में वर्तमान नौकरशाही का निहित स्वार्थ यहां लोकतांत्रिक सरकार की बहाली में सबसे बड़ी बाधा है। केवल लोगों की चुनी सरकार ही आम जनता की आकांक्षाओं को पूरा कर सकती है।
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प्रधान ने प्रदेश में लोकतंत्र की बहाली की मांग की है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने के बाद केंद्र जम्मू कश्मीर में विस चुनाव कराने में आनाकानी कर रहा है। वह नहीं चाहता कि यहां लोकतांत्रिक सरकार की बहाली हो। तीन वर्षों में इसके लिए कोई पहल नहीं की गई है। इससे राजनीतिक प्रक्रिया पूरी तरह निष्क्रिय हो गई है। राजनीतिक दलों को बदनाम और हतोत्साहित किया जा रहा है। विपक्षियों को दबाने का प्रयास जारी है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र एक तमाशा बन गया है, जिसने घाटी समेत अन्य जगहों पर तनाव को जन्म दिया है। इसलिए, जम्मू कश्मीर में मुख्य धारा के राजनीतिक दलों को दबाने की बजाय, इन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इन्हें सामान्य स्थिति की बहाली के लिए विश्वास में लिया जाना चाहिए। बाहरी नौकरशाहों के माध्यम से किया जा रहा शासन यहां की समस्याओं का समाधान नहीं है।