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बस-मेटाडोर नहीं चलने से दिनभर परेशान रहे ग्रामीण
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उधमपुर। पचास प्रतिशत सवारियों को बिठाने के आदेश के विरोध में वीरवार को लगातार 9वें दिन भी बसों व मिनी बसों की आवाजाही बंद रही। इस कारण लोगों खासकर ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। वहीं, 84 घंटे के लॉकडान से पहले खरीदारी करने आए लोगों को निजी वाहनों से घर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा है। वहीं, कई लोग पैदल ही गंतव्यों की ओर आवाजाही करते नजर आए।
लोगों का कहना है कि कारोना संकट के बीच पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हड़ताल के चलते दिक्कतें बहुत बढ़ गई हैं। इससे उनके कामकाज पर बुरा असर पड़ रहा है। वहीं, समय के साथ ही आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए सरकार को जल्द ट्रांसपोर्टरों से बाचचीत कर समस्या का समाधान निकाला चाहिए।
ट्रांसपोर्ट यूनियन का कहना है कि पचास प्रतिशत सवारियों के साथ गाड़ी चलाना संभव नहीं है। आसमान छूते पेट्रोल व डीजल के दाम में गाड़ी खर्चा भी पूरा नहीं होगा। यह उनके लिए काफी घाटे का सौदा है। जनता की परेशानियों को देखते हुए सरकार से आग्रह किया है कि कम से कम 75 प्रतिशत सवारियां बिठाने की अनुमति दी जाए। इस तरह बेकार बैठने से उन्हें भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। गौरतलब है कि पचास प्रतिशत सवारियां बिठाने का आदेश जारी होने के बाद गत बुधवार से ट्रांसपोर्टर यूनियन ने गाड़ियां चलाना बंद कर दिया है।
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लोगों का कहना है कि कारोना संकट के बीच पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हड़ताल के चलते दिक्कतें बहुत बढ़ गई हैं। इससे उनके कामकाज पर बुरा असर पड़ रहा है। वहीं, समय के साथ ही आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए सरकार को जल्द ट्रांसपोर्टरों से बाचचीत कर समस्या का समाधान निकाला चाहिए।
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ट्रांसपोर्ट यूनियन का कहना है कि पचास प्रतिशत सवारियों के साथ गाड़ी चलाना संभव नहीं है। आसमान छूते पेट्रोल व डीजल के दाम में गाड़ी खर्चा भी पूरा नहीं होगा। यह उनके लिए काफी घाटे का सौदा है। जनता की परेशानियों को देखते हुए सरकार से आग्रह किया है कि कम से कम 75 प्रतिशत सवारियां बिठाने की अनुमति दी जाए। इस तरह बेकार बैठने से उन्हें भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। गौरतलब है कि पचास प्रतिशत सवारियां बिठाने का आदेश जारी होने के बाद गत बुधवार से ट्रांसपोर्टर यूनियन ने गाड़ियां चलाना बंद कर दिया है।
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