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Udhampur News: मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार किया जाए
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रियासी। जम्मू-कश्मीर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन ने प्रदेश सरकार से उनकी समस्याओं की तरफ ध्यान देने को कहा। कार्यक्रम अधिकारी पोषण आईसीडीएस के माध्यम से एक ज्ञापन पत्र मुख्यमंत्री के नाम भी दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि वर्तमान में उन्हें 5,100 प्रति माह तथा आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 2,550 प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है जबकि अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को 10,000 से अधिक प्रति माह मानदेय दिया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 15,000 प्रति माह तक किया जा सकता है।
इसके अलावा पोषण ट्रैकर, पीएमएमवीवाई तथा अन्य विभागीय एप्लीकेशनों के संचालन के लिए आधिकारिक कार्य के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध करवाए गए हैं। इन स्मार्ट फोनों की बैटरी और डिस्प्ले ठीक प्रकार से काम नहीं कर रहे हैं, क्योंकि इन मोबाइलों का संस्करण पुराना हो चुका है। इन स्मार्ट फोन का उपयोगी जीवन 10 वर्ष से अधिक हो चुका है। अतः जल्द से जल्द नए स्मार्ट फोन उपलब्ध करवाए जाएं। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में लाभार्थियों के लिए भोजन पकाने के लिए मिलने वाले ईंधन के शुल्क की दरों में लंबे समय से संशोधन नहीं किया गया है। अतः इन दरों को संशोधित किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं बिना छुट्टियों के नियमित रूप से कार्य कर रही हैं। इसलिए संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को अवकाश के बदले नकदीकरण मानदेय प्रदान किया जाए। मोबाइल फोन चलाने के लिए वर्तमान वार्षिक डेटा शुल्क दो हजार है, जिसे बढ़ाकर छह हजार रुपए वार्षिक किया जाना चाहिए। यूनियन एवं वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेताओं की ओर से मुख्यमंत्री तथा उपराज्यपाल से अपील की गई कि उपरोक्त वास्तविक मांगों पर विचार करते हुए इनका शीघ्र समाधान किया जाए।
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इसके अलावा पोषण ट्रैकर, पीएमएमवीवाई तथा अन्य विभागीय एप्लीकेशनों के संचालन के लिए आधिकारिक कार्य के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध करवाए गए हैं। इन स्मार्ट फोनों की बैटरी और डिस्प्ले ठीक प्रकार से काम नहीं कर रहे हैं, क्योंकि इन मोबाइलों का संस्करण पुराना हो चुका है। इन स्मार्ट फोन का उपयोगी जीवन 10 वर्ष से अधिक हो चुका है। अतः जल्द से जल्द नए स्मार्ट फोन उपलब्ध करवाए जाएं। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में लाभार्थियों के लिए भोजन पकाने के लिए मिलने वाले ईंधन के शुल्क की दरों में लंबे समय से संशोधन नहीं किया गया है। अतः इन दरों को संशोधित किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं बिना छुट्टियों के नियमित रूप से कार्य कर रही हैं। इसलिए संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को अवकाश के बदले नकदीकरण मानदेय प्रदान किया जाए। मोबाइल फोन चलाने के लिए वर्तमान वार्षिक डेटा शुल्क दो हजार है, जिसे बढ़ाकर छह हजार रुपए वार्षिक किया जाना चाहिए। यूनियन एवं वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेताओं की ओर से मुख्यमंत्री तथा उपराज्यपाल से अपील की गई कि उपरोक्त वास्तविक मांगों पर विचार करते हुए इनका शीघ्र समाधान किया जाए।
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