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24 टन क्षमता वाले बैली पुल से आज से दौड़ेंगे वाहन
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उधमपुर। बिरमा नदी पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की तरफ से 24 टन क्षमता वाले बैली पुल का निर्माण कर दिया गया है, जिसका शुक्रवार को जनसमर्पित कर दिया जाएगा। इसका उद्घाटन शुक्रवार सुबह नौ बजे होगा, जिसके बाद से बड़े वाहनों को भी आवागमन करने की सुविधा मिल जाएगी।
35 बीआरटीएफ कमांडर एच मूर्ति ने बताया कि 110 फुट लंबे बैली पुल पर लोड टेस्ट की औपचारिकता पूरी कर ली गई हैं। इस पर 24 टन वजनी वाहन आवागमन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि बीआरओ की ओर से तैयार किया यह पुल सेना की ओर से बनाए बैली पुल की तुलना में दोगुनी क्षमता का है। यह छोटे वाहनों के अलावा 24 टन के मालवाहक वाहनों का वजन भी झेल सकता है। लोड टेस्ट की औपचारिकता पूरी करने के लिए इसपर पहले एक्सक्वेटर (भारी मशीन) को कई बार गुजार कर जांच की गई है। इसमें 24 टन तक का वजन वहन करने की क्षमता पाई गई है। पुल के दोनों तरफ अप्रोच रोड का काम भी तेज गति से किया जा रहा है। वाहनों की आवाजाही शुरू होने से उन लोगों को काफी राहत मिलेगी जो बिरमा पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद से वैकल्पिक रास्तों को इस्तेमाल कर कई किलोमीटर का सफर करने को मजबूर थे। विशेषतौर पर जिब, थाती, रैंबल, गढ़ी, चोपड़ा शॉप, चिनार, मगैनी, क्रिमची आदि इलाकों के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
सनद रहे कि तीन सप्ताह पहले भारी बारिश में बिरमा नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद सैना ने वैकल्पिक बैली ब्रिज का निर्माण किया था, लेकिन उस पर से छोटे वाहन ही आवागमन कर सकते थे। समय की मांग को देखते हुए बीआरओ की ओर से उच्च भार क्षमता वाले बैली पुल का निर्माण किया गया है।
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35 बीआरटीएफ कमांडर एच मूर्ति ने बताया कि 110 फुट लंबे बैली पुल पर लोड टेस्ट की औपचारिकता पूरी कर ली गई हैं। इस पर 24 टन वजनी वाहन आवागमन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि बीआरओ की ओर से तैयार किया यह पुल सेना की ओर से बनाए बैली पुल की तुलना में दोगुनी क्षमता का है। यह छोटे वाहनों के अलावा 24 टन के मालवाहक वाहनों का वजन भी झेल सकता है। लोड टेस्ट की औपचारिकता पूरी करने के लिए इसपर पहले एक्सक्वेटर (भारी मशीन) को कई बार गुजार कर जांच की गई है। इसमें 24 टन तक का वजन वहन करने की क्षमता पाई गई है। पुल के दोनों तरफ अप्रोच रोड का काम भी तेज गति से किया जा रहा है। वाहनों की आवाजाही शुरू होने से उन लोगों को काफी राहत मिलेगी जो बिरमा पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद से वैकल्पिक रास्तों को इस्तेमाल कर कई किलोमीटर का सफर करने को मजबूर थे। विशेषतौर पर जिब, थाती, रैंबल, गढ़ी, चोपड़ा शॉप, चिनार, मगैनी, क्रिमची आदि इलाकों के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
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सनद रहे कि तीन सप्ताह पहले भारी बारिश में बिरमा नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद सैना ने वैकल्पिक बैली ब्रिज का निर्माण किया था, लेकिन उस पर से छोटे वाहन ही आवागमन कर सकते थे। समय की मांग को देखते हुए बीआरओ की ओर से उच्च भार क्षमता वाले बैली पुल का निर्माण किया गया है।
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