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Udhampur News: काली माता के दरबार में उमड़ा अस्था का सैलाब
Wed, 19 Jun 2024 06:03 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Wed, 19 Jun 2024 06:03 AM IST
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तीन दिवसीय गौरी मिट्टी मेले के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लगाई हाजिरी
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। मोंगरी स्थित काली माता मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय गौरी मिट्टी मेला मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जहां मां काली के दरबार में हाजिरी लगा कर आशीर्वाद प्राप्त किया है वहीं, मेले का लुत्फ भी उठाया है।
मंगलवार को पूर्व विधायक व राज्य मंत्री पवन कुमार गुप्ता, डीडीसी पंचैरी-मोंगरी जसवीर सिंह, पूर्व बीडीसी चेयरमैन मोंगरी बिमला देवी ने भी काली माता मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया है। हालांकि, मेले के दूसरे दिन स्थानीय लोगों के अलावा बाहरी राज्यों से भी लोग मेले में पहुंचे और काली माता मंदिर में माथा टेककर अपने परिवार के सुख-शांति की कामना की। दूसरे दिन करीब हजार से पंद्रह सौ के करीब लोग पहुंचे। मेले के दौरान स्थानीय कलाकारों की ओर से रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मेले के दौरान पहुंचे लोगों ने खुशनुमा मौसम का आनंद लिया। इतना ही नहीं स्कूली बच्चों द्वारा भी डोगरी संस्कृति में कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मान्यता है कि मेले के दौरान काली माता से जो भी मन्नतें मांगी जाती हैं वह पूर्ण होती हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। मोंगरी स्थित काली माता मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय गौरी मिट्टी मेला मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जहां मां काली के दरबार में हाजिरी लगा कर आशीर्वाद प्राप्त किया है वहीं, मेले का लुत्फ भी उठाया है।
मंगलवार को पूर्व विधायक व राज्य मंत्री पवन कुमार गुप्ता, डीडीसी पंचैरी-मोंगरी जसवीर सिंह, पूर्व बीडीसी चेयरमैन मोंगरी बिमला देवी ने भी काली माता मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया है। हालांकि, मेले के दूसरे दिन स्थानीय लोगों के अलावा बाहरी राज्यों से भी लोग मेले में पहुंचे और काली माता मंदिर में माथा टेककर अपने परिवार के सुख-शांति की कामना की। दूसरे दिन करीब हजार से पंद्रह सौ के करीब लोग पहुंचे। मेले के दौरान स्थानीय कलाकारों की ओर से रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मेले के दौरान पहुंचे लोगों ने खुशनुमा मौसम का आनंद लिया। इतना ही नहीं स्कूली बच्चों द्वारा भी डोगरी संस्कृति में कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मान्यता है कि मेले के दौरान काली माता से जो भी मन्नतें मांगी जाती हैं वह पूर्ण होती हैं।
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