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Udhampur News: गंभीर नाले पर 19.3 करोड़ से बनेगा 138 मीटर लंबा पुल
Thu, 09 May 2024 01:50 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Thu, 09 May 2024 01:50 AM IST
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मजालता तहसील की 27 पंचायतों की 80 हजार से अधिक आबादी को मिलेगा लाभ
पांच किलोमीटर का सफर चंद मिनट में होगा पूरा, 70 साल बाद लोगों को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। मजालता में गंभीर नाले पर जल्द ही 19.3 करोड़ की लागत से 138 मीटर लंबा और लगभग 160 फीट ऊंचा (मजालता मोड़ से मजालता तक) पुल तैयार किया जाएगा। इसकी टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुल के बनने से मजालता तहसील की सभी 27 पंचायतों के लगभग 80 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इस पुल को बनाने की मांग लोग 70 साल से कर रहे थे और यह एक ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके पूरा होने से गंभीर नाले के उस पार की 25 पंचायतों के लोगों की ब्लाॅक मुख्यालय तक पहुंचने की राह आसान हो जाएगी।
पुल के नहीं होने के कारण पहले लोगों को ब्लाॅक मुख्यालय तक पहुंचने के पांच किलोमीटर घूम कर जाना पड़ता है और इसके लिए भी सिंगल रोड है। इस पुल के बनने के बाद पांच किलोमीटर का सफर मात्र दो मिनट से भी कम समय से पूरा हो जाएगा।
स्थानीय लोगों में सुरजीत सिंह, विक्रम सिंह, पुष्पा देवी और वर्षा आदि ने बताया कि दो पंचायते गंभीर नाले के इस पार ब्लाॅक मुख्यालय की तरफ हैं, जबकि अन्य 25 दूसरी तरफ हैं। इन सभी 25 पंचायतों के लोगों को जब भी ब्लाॅक मुख्यालय तक आना होता है तो उन्हें इस नाले पर पुल नहीं होने के कारण पांच किलोमीटर घूम कर आना पड़ता है। नाले से होकर पैदल आने में यह काफी छोटा रास्ता है इसलिए अधिकतर लोग नाले से होकर ही आवाजाही करते हैं। इनमें स्कूली बच्चों से लेकर अस्पताल आने वाले लोग, सरकारी कार्यालयों आदि में आने वाले लोग और सरकारी कर्मचारी भी शामिल रहते हैं। इसलिए पूरी मजालता तहसील के लोगों की यह पुरानी मांग थी कि इस नाले पर पुल तैयार किया जाए जिससे इन सभी 25 पंचायतों के लोगों की भी ब्लाॅक मुख्यालय तक पहुंचने की राह भी आसान हो जाएगा। इसके साथ ही मजालता वासियों की बीते 70 सालों से भी अधिक समय से चली आ रही मांग भी पूरी होगी।
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यह ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो अब साकार होने जा रहा है। इसके बनने से लोगों की 70 साल पुरानी मांग पूरी होगी। सभी पंचायतों की ब्लाॅक मुख्यालय तक की राह काफी आसान हो जाएगी। इसकी टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले इसकी ओपनिंग 20 मई को होनी थी लेकिन आचार संहिता के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया है। चार जून के बाद काम शुरू होने की संभावना है।
- अमित शर्मा, डीडीसी सदस्य, ब्लाॅक मजालता
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पांच किलोमीटर का सफर चंद मिनट में होगा पूरा, 70 साल बाद लोगों को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। मजालता में गंभीर नाले पर जल्द ही 19.3 करोड़ की लागत से 138 मीटर लंबा और लगभग 160 फीट ऊंचा (मजालता मोड़ से मजालता तक) पुल तैयार किया जाएगा। इसकी टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुल के बनने से मजालता तहसील की सभी 27 पंचायतों के लगभग 80 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इस पुल को बनाने की मांग लोग 70 साल से कर रहे थे और यह एक ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके पूरा होने से गंभीर नाले के उस पार की 25 पंचायतों के लोगों की ब्लाॅक मुख्यालय तक पहुंचने की राह आसान हो जाएगी।
पुल के नहीं होने के कारण पहले लोगों को ब्लाॅक मुख्यालय तक पहुंचने के पांच किलोमीटर घूम कर जाना पड़ता है और इसके लिए भी सिंगल रोड है। इस पुल के बनने के बाद पांच किलोमीटर का सफर मात्र दो मिनट से भी कम समय से पूरा हो जाएगा।
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स्थानीय लोगों में सुरजीत सिंह, विक्रम सिंह, पुष्पा देवी और वर्षा आदि ने बताया कि दो पंचायते गंभीर नाले के इस पार ब्लाॅक मुख्यालय की तरफ हैं, जबकि अन्य 25 दूसरी तरफ हैं। इन सभी 25 पंचायतों के लोगों को जब भी ब्लाॅक मुख्यालय तक आना होता है तो उन्हें इस नाले पर पुल नहीं होने के कारण पांच किलोमीटर घूम कर आना पड़ता है। नाले से होकर पैदल आने में यह काफी छोटा रास्ता है इसलिए अधिकतर लोग नाले से होकर ही आवाजाही करते हैं। इनमें स्कूली बच्चों से लेकर अस्पताल आने वाले लोग, सरकारी कार्यालयों आदि में आने वाले लोग और सरकारी कर्मचारी भी शामिल रहते हैं। इसलिए पूरी मजालता तहसील के लोगों की यह पुरानी मांग थी कि इस नाले पर पुल तैयार किया जाए जिससे इन सभी 25 पंचायतों के लोगों की भी ब्लाॅक मुख्यालय तक पहुंचने की राह भी आसान हो जाएगा। इसके साथ ही मजालता वासियों की बीते 70 सालों से भी अधिक समय से चली आ रही मांग भी पूरी होगी।
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यह ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो अब साकार होने जा रहा है। इसके बनने से लोगों की 70 साल पुरानी मांग पूरी होगी। सभी पंचायतों की ब्लाॅक मुख्यालय तक की राह काफी आसान हो जाएगी। इसकी टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले इसकी ओपनिंग 20 मई को होनी थी लेकिन आचार संहिता के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया है। चार जून के बाद काम शुरू होने की संभावना है।
- अमित शर्मा, डीडीसी सदस्य, ब्लाॅक मजालता