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Udhampur News: शहर व ग्रामीण इलाकों धूमधाम के साथ मनाया गया नागपंचमी का पर्व
Mon, 09 Sep 2024 04:28 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Mon, 09 Sep 2024 04:28 AM IST
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लोगों में मंदिरों में पूजा कर प्राप्त किया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जिले के शहर व ग्रामीण इलाकों में रविवार को नागपंचमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने नाग देवता के मंदिरों में जाकर पूजन किया और दूध भी चढ़ाया। सुबह से शाम तक लोगों का मंदिरों में पहुंचना जारी रहा। श्रद्धालुओं ने कहा कि परिवार की सुख शांति के लिए हर वर्ष नागपंचमी का पर्व हर्ष व उल्लास के साथ मनाया जाता है।
नागपंचमी को लेकर सुबह से लोगों का नाग देवता के मंदिरों में पहुंचना शुरू हो गया था। मेन बाजार स्थित शेषनाग मंदिर, जखैनी स्थित राजा मंडलीक मंदिर, पांडव मंदिर के नजदीक स्थित नागदेव मंदिर, कशीराह में राजा मंडलीक मंदिर सहित कई स्थानों पर लोग पूजन के लिए परिवार सहित पहुंचे। लोगों ने मंदिरों में दूध चढ़ाया और फिर परिवार की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
श्रद्धालुओं ने बताया कि आज के दिन नाग देव का पूजन करना बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है। इस दिन मंदिर के साथ नाग देवता के निवास स्थान बर्मी की भी पूजा की जाती है। मंदिरों में दूध के साथ खीर, रुट भी चढ़ाया जाता है। पूजन करने से नाग देवता हर मुश्किल से बचाते हैं और हमेशा उनकी कृपा सभी पर बनी रहती है।
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वहीं, मां बगलामुखी मंदिर के उपासक आचार्य राजेश शर्मा ने बताया कि ऋषि पंचमी है और इसे ही डुग्गर प्रदेश में नाग पंचमी के नाम से जानते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जिले के शहर व ग्रामीण इलाकों में रविवार को नागपंचमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने नाग देवता के मंदिरों में जाकर पूजन किया और दूध भी चढ़ाया। सुबह से शाम तक लोगों का मंदिरों में पहुंचना जारी रहा। श्रद्धालुओं ने कहा कि परिवार की सुख शांति के लिए हर वर्ष नागपंचमी का पर्व हर्ष व उल्लास के साथ मनाया जाता है।
नागपंचमी को लेकर सुबह से लोगों का नाग देवता के मंदिरों में पहुंचना शुरू हो गया था। मेन बाजार स्थित शेषनाग मंदिर, जखैनी स्थित राजा मंडलीक मंदिर, पांडव मंदिर के नजदीक स्थित नागदेव मंदिर, कशीराह में राजा मंडलीक मंदिर सहित कई स्थानों पर लोग पूजन के लिए परिवार सहित पहुंचे। लोगों ने मंदिरों में दूध चढ़ाया और फिर परिवार की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
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श्रद्धालुओं ने बताया कि आज के दिन नाग देव का पूजन करना बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है। इस दिन मंदिर के साथ नाग देवता के निवास स्थान बर्मी की भी पूजा की जाती है। मंदिरों में दूध के साथ खीर, रुट भी चढ़ाया जाता है। पूजन करने से नाग देवता हर मुश्किल से बचाते हैं और हमेशा उनकी कृपा सभी पर बनी रहती है।
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वहीं, मां बगलामुखी मंदिर के उपासक आचार्य राजेश शर्मा ने बताया कि ऋषि पंचमी है और इसे ही डुग्गर प्रदेश में नाग पंचमी के नाम से जानते हैं।