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Udhampur News: शहर में घर-घर से कचरा संग्रहण की सुविधा सप्ताह बाद फिर बहाल
Mon, 24 Jun 2024 02:56 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Mon, 24 Jun 2024 02:56 AM IST
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शहरवासियों ने ली राहत की सांस, नगर परिषद ने कंपनी को दिए काम में सुधार के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर में एक सप्ताह से बंद घर-घर से कचरा संग्रहण की सुविधा रविवार को फिर से बहाल हो गई है। इसके बाद गंदगी के ढेरों से परेशान शहरवासियों ने राहत की सांस ली है।
कुछ दिन पहले घर-घर से कचरा उठाने वाले सफाई कर्मचारियों ने चार माह से वेतन न मिलने पर काम बंद कर दिया था। साथ ही नगर परिषद दफ्तर के बाहर वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था। इस बीच सुविधा एक सप्ताह तक बंद रही, जिसके चलते गलियों सहित घरों में कचरे के ढेर लगना शुरू हो गए थे। शहरवासी स्वयं ही कचरे को डंपिंग स्टेशन में फेंकने को मजबूर हो गए थे। वहीं, रविवार सुबह जब शहर के विभिन्न वार्डों में घर-घर से कचरा उठाने वाले ऑटो पहुंचे तो लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, रविवार को घर-घर से कचरा उठाने वाले सफाई कर्मचारी कई वार्डों में नहीं पहुंच पाए हैं। लेकिन, सोमवार से स्थिति सामान्य होने की संभावना जताई गई है।
विवादों के चलते कई बार बंद हो चुकी है कचरा संग्रहण सेवा
घर-घर से कचरा संग्रहण सेवा शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए शुरू की गई है। लेकिन, नगर परिषद की ओर से भुगतान न पर कई बार यह सेवा बंद भी हो चुकी है। कुछ दिन तक बंद रहने के बाद फिर से शुरू कर दी जाती है। इस बीच शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वर्ष 2024 में जनवरी से लेकर जून तक यह सेवा दो बार बंद हो चुकी है।
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कंपनी को प्रतिमाह 11.77 लाख की जगह दिए जा रहे थे ढाई से तीन लाख रुपये
घर-घर से कचरा संग्रहण कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि नगर परिषद के साथ 11.77 लाख रुपये प्रतिमाह देने का करार हुआ था। लेकिन, नगर परिषद की ओर से उन्हें प्रतिमाह ढाई से तीन लाख रुपये ही दिए जा रहे थे। इस कारण सफाई कर्मचारियों का वेतन नहीं दे पा रहे थे। कंपनी को मजबूरन काम बंद करना पड़ा था। लेकिन अब नगर परिषद की ओर से उन्हें 10 लाख रुपये जारी किए हैं। सफाई कर्मचारियों को वेतन दे दिया है, जिसके बाद ही घर-घर से कचरा संग्रहण की सेवा शुरू हो पाई है।
नगर परिषद ने घर-घर से कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी को 10 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। साथ ही काम में सुधार के साथ ही शहर के हर एक वार्ड से कचरा उठाने के निर्देश दिए हैं। अगर कंपनी के काम में सुधार नहीं हुआ तो इनके साथ किया गए करार रद्द किया जा सकता है।
- नितिन गुप्ता, सीईओ, नगर परिषद, उधमपुर
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उधमपुर। शहर में एक सप्ताह से बंद घर-घर से कचरा संग्रहण की सुविधा रविवार को फिर से बहाल हो गई है। इसके बाद गंदगी के ढेरों से परेशान शहरवासियों ने राहत की सांस ली है।
कुछ दिन पहले घर-घर से कचरा उठाने वाले सफाई कर्मचारियों ने चार माह से वेतन न मिलने पर काम बंद कर दिया था। साथ ही नगर परिषद दफ्तर के बाहर वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था। इस बीच सुविधा एक सप्ताह तक बंद रही, जिसके चलते गलियों सहित घरों में कचरे के ढेर लगना शुरू हो गए थे। शहरवासी स्वयं ही कचरे को डंपिंग स्टेशन में फेंकने को मजबूर हो गए थे। वहीं, रविवार सुबह जब शहर के विभिन्न वार्डों में घर-घर से कचरा उठाने वाले ऑटो पहुंचे तो लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, रविवार को घर-घर से कचरा उठाने वाले सफाई कर्मचारी कई वार्डों में नहीं पहुंच पाए हैं। लेकिन, सोमवार से स्थिति सामान्य होने की संभावना जताई गई है।
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विवादों के चलते कई बार बंद हो चुकी है कचरा संग्रहण सेवा
घर-घर से कचरा संग्रहण सेवा शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए शुरू की गई है। लेकिन, नगर परिषद की ओर से भुगतान न पर कई बार यह सेवा बंद भी हो चुकी है। कुछ दिन तक बंद रहने के बाद फिर से शुरू कर दी जाती है। इस बीच शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वर्ष 2024 में जनवरी से लेकर जून तक यह सेवा दो बार बंद हो चुकी है।
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कंपनी को प्रतिमाह 11.77 लाख की जगह दिए जा रहे थे ढाई से तीन लाख रुपये
घर-घर से कचरा संग्रहण कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि नगर परिषद के साथ 11.77 लाख रुपये प्रतिमाह देने का करार हुआ था। लेकिन, नगर परिषद की ओर से उन्हें प्रतिमाह ढाई से तीन लाख रुपये ही दिए जा रहे थे। इस कारण सफाई कर्मचारियों का वेतन नहीं दे पा रहे थे। कंपनी को मजबूरन काम बंद करना पड़ा था। लेकिन अब नगर परिषद की ओर से उन्हें 10 लाख रुपये जारी किए हैं। सफाई कर्मचारियों को वेतन दे दिया है, जिसके बाद ही घर-घर से कचरा संग्रहण की सेवा शुरू हो पाई है।
नगर परिषद ने घर-घर से कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी को 10 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। साथ ही काम में सुधार के साथ ही शहर के हर एक वार्ड से कचरा उठाने के निर्देश दिए हैं। अगर कंपनी के काम में सुधार नहीं हुआ तो इनके साथ किया गए करार रद्द किया जा सकता है।
- नितिन गुप्ता, सीईओ, नगर परिषद, उधमपुर