{"_id":"6910f23d5634a8f1f60dc22d","slug":"two-spos-dismissed-for-helping-terrorists-in-kathua-case-udhampur-news-c-201-1-knt1008-125989-2025-11-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: कठुआ में आतंकी मददगार दो एसपीओ बर्खास्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: कठुआ में आतंकी मददगार दो एसपीओ बर्खास्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवाद समर्थकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कठुआ जिले में तैनात दो एसपीओ को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। दोनों पर आतंकियों से संपर्क रखने और उनकी गतिविधियों में सहयोग करने के गंभीर आरोप हैं।
बर्खास्त किए गए एसपीओ में अब्दुल लतीफ और मोहम्मद अब्बास हैं। जांच में सामने आया कि अब्दुल लतीफ आतंकियों के संपर्क में था और उन्हें सहायता प्रदान करता था। इस मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी और उसे डोडा जेल में सजा भी काटनी पड़ी थी। दूसरे एसपीओ मोहम्मद अब्बास के खिलाफ इसी तरह के मामलों में चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं।
एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा ने कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस में आतंक समर्थकों या राष्ट्रविरोधी तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है। यह कदम सुरक्षा एजेंसियों की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले ओवर ग्राउंड वर्करों पर पिछले डेढ़ साल में बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई है। दर्जनों ओवरग्राउंड वर्करों, आतंकी मददगारों पर पुलिस ने पीएसए भी लगाया है। पुलिस ने दो टूक संदेश दिया है कि देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त कोई भी बक्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बर्खास्त किए गए एसपीओ में अब्दुल लतीफ और मोहम्मद अब्बास हैं। जांच में सामने आया कि अब्दुल लतीफ आतंकियों के संपर्क में था और उन्हें सहायता प्रदान करता था। इस मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी और उसे डोडा जेल में सजा भी काटनी पड़ी थी। दूसरे एसपीओ मोहम्मद अब्बास के खिलाफ इसी तरह के मामलों में चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं।
विज्ञापन
एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा ने कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस में आतंक समर्थकों या राष्ट्रविरोधी तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है। यह कदम सुरक्षा एजेंसियों की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले ओवर ग्राउंड वर्करों पर पिछले डेढ़ साल में बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई है। दर्जनों ओवरग्राउंड वर्करों, आतंकी मददगारों पर पुलिस ने पीएसए भी लगाया है। पुलिस ने दो टूक संदेश दिया है कि देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त कोई भी बक्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन