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तीन दिवसीय ऐतिहासिक मौंगरी मेला संपन्न
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उधमपुर/पंचैरी। जिला उधमपुर की मौंगरी तहसील के सेर दब्बड में आयोजित तीन दिवसीय ऐतिहासिक शिव पार्वती मौंगरी मेला सोमवार को संपन्न हो गया। तीन दिन तक चले इस ऐतिहासिक वार्षिक उत्सव में सभी धर्म के पुरुष, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। मेला आयोजक समिति के अनुसार हर साल आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय उत्सव में लगभग तीस हजार भक्त शामिल हुए। भक्त प्राचीन शिव पार्वती गुफा में भगवान शिव पार्वती का दर्शन कर मेले का आनंद उठाते हैं।
सोमवार को मेले के समापन पर डीडीसी पार्षद पंचैरी जसवीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मुख्य अतिथि ने जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों में इस प्रकार के स्थानीय मेलों के आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये मेले हमारी विविध संस्कृति का प्रतीक हैं और ये न केवल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी मदद करते हैं। मेले के दौरान आयोजित खेल आयोजनों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के समग्र व्यक्तित्व विकास के अलावा उनकी सकारात्मक ऊर्जा को सही परिप्रेक्ष्य में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों को शामिल कर ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए युवा सेवा और खेल विभाग की सराहना की। इस मौके विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए सांस्कृतिक मंडलों ने लोक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। तीन दिवसीय मेले के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन उधमपुर ने सुरक्षा, पेयजल एवं बिजली आपूर्ति, चिकित्सा, यातायात नियमन, अतिरिक्त बस सेवाएं और वस्तुओं के स्टॉक आदि के व्यापक इंतजाम किये थे। मुख्य अतिथि ने इस अवसर पर प्रतिभागियों के बीच पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरित किए। इस मौके मेला कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट स्वतंत्र देव कोतवाल, प्रधान हंस राज ठाकुर, सरपंच सविता देवी, सरपंच कौशल कुमार, मेला अधिकारी तहसीलदार मौंगरी व अन्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे। आईआरपी की 19 बटालियन कठुआ के कमांडेंट एसएसपी बेनाम तोश और समाज कल्याण विभाग की वित्त निदेशक अर्चना सलाथिया विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
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सोमवार को मेले के समापन पर डीडीसी पार्षद पंचैरी जसवीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मुख्य अतिथि ने जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों में इस प्रकार के स्थानीय मेलों के आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये मेले हमारी विविध संस्कृति का प्रतीक हैं और ये न केवल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी मदद करते हैं। मेले के दौरान आयोजित खेल आयोजनों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के समग्र व्यक्तित्व विकास के अलावा उनकी सकारात्मक ऊर्जा को सही परिप्रेक्ष्य में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों को शामिल कर ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए युवा सेवा और खेल विभाग की सराहना की। इस मौके विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए सांस्कृतिक मंडलों ने लोक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। तीन दिवसीय मेले के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन उधमपुर ने सुरक्षा, पेयजल एवं बिजली आपूर्ति, चिकित्सा, यातायात नियमन, अतिरिक्त बस सेवाएं और वस्तुओं के स्टॉक आदि के व्यापक इंतजाम किये थे। मुख्य अतिथि ने इस अवसर पर प्रतिभागियों के बीच पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरित किए। इस मौके मेला कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट स्वतंत्र देव कोतवाल, प्रधान हंस राज ठाकुर, सरपंच सविता देवी, सरपंच कौशल कुमार, मेला अधिकारी तहसीलदार मौंगरी व अन्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे। आईआरपी की 19 बटालियन कठुआ के कमांडेंट एसएसपी बेनाम तोश और समाज कल्याण विभाग की वित्त निदेशक अर्चना सलाथिया विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
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