अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स: उधमपुर में आत्मरक्षा के गुर सीखने को आगे आ रहीं लड़कियां
कराटे एसोसिएशन उधमपुर के सहयोग आयोजित कार्यक्रम में लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए। लड़कियों ने बताया कि आज के समय लड़कियां किसी भी क्षेत्र में कम नही हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमर उजाला फांउडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत हाउसिंग कॉलोनी में आत्मरक्षा के विषय पर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कराटे एसोसिएशन उधमपुर के सहयोग आयोजित कार्यक्रम में लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए। यह लड़कियां पहले ही प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं। लड़कियों ने बताया कि आज के समय आत्मरक्षा क्यों जरूरी है।
सुबह करीब 11 बजे कार्यक्रम की शुरूआत हुई। इसमें लड़कियों ने कराटे का प्रदर्शन कर बताया कि किस प्रकार अपनी आत्मरक्षा की जा सकती है। अगर कोई छेड़खानी करता है तो किस प्रकार अपनी मदद करने के साथ उसको सबक सिखाया जा सकता है। कराटे का प्रदर्शन करने को लड़कियों के साथ बहुत अधिक संख्या में लड़के भी पहुंचे थे।
करीब एक घंटे तक चले प्रशिक्षण शिविर में लड़कियों का कराटे का हुनर देखते ही बनता है। लड़कियों ने दिखाया कि आज के समय लड़कियां किसी भी क्षेत्र में कम नही हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरिंद्र सिंह खालसा ने बताया कि उनकी एसोसिएशन कई लड़कियों को निशुल्क कोचिंग प्रदान कर रही है। इसके जरिए लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सीखने के साथ प्रतिभा को बाहर लाने का भी अवसर दिया जा रहा है।
इस अवसर पर कराटे एसोसिएशन के उप प्रधान जितेंद्र कुमार, महासचिव राकेश भारद्वाज, टेक्निकल डायरेक्टर व चीफ कोच एमके सैनी, विरेंद्र वर्मा, दीपांकर गुप्ता, मीनाक्षी रैना, इंदु देवी, सोनाली शर्मा, रीता देवी, वंश संब्याल, रोहित रमोत्रा, बजिंद्र जम्वाल, नीरज मन्हास, सुमित शर्मा, नीतिन शर्मा, गौरव रैना व विक्रांत बसनोत्रा मौजूद रहे।
कराटे सीखने के बाद अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा हुआ है। हमें पता है कि मुश्किल परिस्थतियों में कैसे निपटा जा सकता है। आज के समय तो हर लड़की को आत्मरक्षा करने का प्रशिक्षण हासिल करना चाहिए। इससे हमारे अंदर निडरता बनी रहेगी। -सुर्यांश
आज के समय लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में अपने आप को लड़कियां कभी कमजोर न समझे। मजबूती के साथ आगे बढ़ें। कराटे सीख कर अपने आप को और मजबूत बनाया जा सकता है। इसके जरिए लड़कियां भविष्य में भी आगे बढ़ सकेंगी। -रोशनी।
आत्मरक्षा मौजूदा समय की मांग है। इसको सीखने के लिए लड़कियों के साथ लड़कों को भी आगे आना चाहिए। इसके जरिए खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ा जा सकता है। अमर उजाला अपराजिता के जरिए लड़कियों को जागरूक करने का सराहनीय प्रयास कर रहा है। -पूर्णिका शर्मा
कराटे की मदद से तकनीक के जरिए आत्मरक्षा करने में मदद मिलती है। लड़कियां किसी भी परिस्थिति में अपने आप की मदद करने में सक्षम होंगी। इसके साथ ही मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत बनेंगी। आत्मरक्षा के गुर सीखने के लिए ज्यादा से ज्यादा लड़कियों को आगे आना चाहिए। -रक्षिता