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फोन आया कि बच्चों को घर ले जाओ, स्कूल में शिक्षक नहीं है
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किश्तवाड़। जिले की मुगलमैदान तहसील के वटना लोईधार में प्राथमिक विद्यालय के बंद रहने से स्थानीय लोगों में शिक्षा विभाग के प्रति भारी रोष है। यह विद्यालय केवल एक शिक्षक के हवाले है। किन्हीं कारणवश जब वह शिक्षक छुट्टी पर होता है तो बच्चों को घर लौटना पड़ता है। बच्चों के अभिभावक इस स्कूल में अन्य शिक्षकों की तैनाती की मांग कर रहे हैं।
एक अभिभावक राजकुमार के अनुसार इस स्कूल में 40 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। लेकिन, कुछ वर्षों से इस स्कूल में मात्र एक शिक्षक तैनात है। जिसके छुट्टी पर होने से अक्सर स्कूल बंद रहता है। इस कारण स्कूल से बच्चों को घर भेज दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सोमवार को जब उन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेजा तो कुछ देर में बच्चों के अभिभावकों को फोन आया कि बच्चों को घर ले जाओ, क्योंकि शिक्षक नहीं है।
इस घटना का एक वीडियो स्थानीय लोगों ने स्कूल में जाकर बनाया, और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इसमें एक अभिभावक ने कहा है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में उपायुक्त, मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जोनल एजूकेशन ऑफिसर इंद्रवाल से अनुरोध किया है कि इस स्कूल में शिक्षकों को भेजा जाए। लेकिन, उनकी मांग को अनसुना कर दिया जाता है। उनका कहना है कि बच्चों का भविष्य अंधकार में है।
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इस संबंध में जब जोनल शिक्षा अधिकार इंद्रवाल और हाल ही में स्थानांतरित होकर आए सुनील कुमार राणा से पूछा गया तो उनका कहना है कि वहां जो शिक्षक तैनात है, उसकी आज बीएड की परीक्षा चल रही है। इस कारण एक अन्य शिक्षक उसी इलाके का भेजा था, ताकि स्कूल बंद न रहे। परंतु, वहां लोगों ने उसे स्कूल खोलने नहीं दिया। लोग इसी मांग पर अड़े रहे कि स्कूल में और शिक्षक तैनात किए जाएं। इसके बारे में उच्चाधिकारी को सूचित कर दिया है।
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एक अभिभावक राजकुमार के अनुसार इस स्कूल में 40 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। लेकिन, कुछ वर्षों से इस स्कूल में मात्र एक शिक्षक तैनात है। जिसके छुट्टी पर होने से अक्सर स्कूल बंद रहता है। इस कारण स्कूल से बच्चों को घर भेज दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सोमवार को जब उन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेजा तो कुछ देर में बच्चों के अभिभावकों को फोन आया कि बच्चों को घर ले जाओ, क्योंकि शिक्षक नहीं है।
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इस घटना का एक वीडियो स्थानीय लोगों ने स्कूल में जाकर बनाया, और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इसमें एक अभिभावक ने कहा है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में उपायुक्त, मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जोनल एजूकेशन ऑफिसर इंद्रवाल से अनुरोध किया है कि इस स्कूल में शिक्षकों को भेजा जाए। लेकिन, उनकी मांग को अनसुना कर दिया जाता है। उनका कहना है कि बच्चों का भविष्य अंधकार में है।
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इस संबंध में जब जोनल शिक्षा अधिकार इंद्रवाल और हाल ही में स्थानांतरित होकर आए सुनील कुमार राणा से पूछा गया तो उनका कहना है कि वहां जो शिक्षक तैनात है, उसकी आज बीएड की परीक्षा चल रही है। इस कारण एक अन्य शिक्षक उसी इलाके का भेजा था, ताकि स्कूल बंद न रहे। परंतु, वहां लोगों ने उसे स्कूल खोलने नहीं दिया। लोग इसी मांग पर अड़े रहे कि स्कूल में और शिक्षक तैनात किए जाएं। इसके बारे में उच्चाधिकारी को सूचित कर दिया है।