{"_id":"6ac00ee00549449432049031","slug":"jammu-kashmir-news-udhampur-news-c-202-1-udh1012-141277-2026-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: डोडा के अनछुए पर्यटन स्थलों को पहचान मिलने का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: डोडा के अनछुए पर्यटन स्थलों को पहचान मिलने का इंतजार
विज्ञापन
कंठीधार गंदोह में पर्यटक आदिल व अन्य।
- फोटो : doda news
डोडा। जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के बावजूद कई पर्यटन स्थल अभी भी पर्यटकों की पहुंच से दूर हैं। ठाठरी, भलेसा, गंदोह, चंगा, चिल्ली, जक्यास, किल्होत्रान समेत जिले के कई दूरदराज के इलाकों में खूबसूरत पहाड़, घने जंगल, हरे-भरे मखमली मैदान और मनमोहक प्राकृतिक दृश्य मौजूद हैं, लेकिन पर्याप्त प्रचार और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में इन स्थलों को अपेक्षित पहचान नहीं मिल पाई है।
स्थानीय निवासियों और पर्यटन से जुड़े लोगों का कहना है कि इन क्षेत्रों को ईको टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, ट्रैकिंग, कैंपिंग, विंटर टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके लिए पर्यटन विभाग और प्रशासन को संभावित पर्यटन स्थलों की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की जरूरत है। इनमें से ही गंदोह के पर्यटक स्थल कंठीधार पहुंचे पर्यटक आदिल के मुताबिक कई स्थानों तक पहुंचने के लिए सड़क संपर्क बेहतर करने, पर्यटकों के लिए ठहरने की व्यवस्था, शौचालय, पेयजल, सूचना एवं दिशा-सूचक बोर्ड तथा व्यू प्वाइंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों को पर्यटन विभाग के प्रचार अभियानों और पर्यटन मानचित्र में प्रमुखता से शामिल करने की मांग उठ रही है।
पर्यटन से जुड़े स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि डोडा के कम प्रसिद्ध स्थलों को एक-दूसरे से जोड़कर व्यापक पर्यटन सर्किट तैयार किया जाए तो पर्यटक जिले के विभिन्न हिस्सों में अधिक समय बिता सकते हैं। इससे स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, परिवहन, होमस्टे, दुकानदारी और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्थानीय निवासियों और पर्यटन से जुड़े लोगों का कहना है कि इन क्षेत्रों को ईको टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, ट्रैकिंग, कैंपिंग, विंटर टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके लिए पर्यटन विभाग और प्रशासन को संभावित पर्यटन स्थलों की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की जरूरत है। इनमें से ही गंदोह के पर्यटक स्थल कंठीधार पहुंचे पर्यटक आदिल के मुताबिक कई स्थानों तक पहुंचने के लिए सड़क संपर्क बेहतर करने, पर्यटकों के लिए ठहरने की व्यवस्था, शौचालय, पेयजल, सूचना एवं दिशा-सूचक बोर्ड तथा व्यू प्वाइंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों को पर्यटन विभाग के प्रचार अभियानों और पर्यटन मानचित्र में प्रमुखता से शामिल करने की मांग उठ रही है।
विज्ञापन
पर्यटन से जुड़े स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि डोडा के कम प्रसिद्ध स्थलों को एक-दूसरे से जोड़कर व्यापक पर्यटन सर्किट तैयार किया जाए तो पर्यटक जिले के विभिन्न हिस्सों में अधिक समय बिता सकते हैं। इससे स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, परिवहन, होमस्टे, दुकानदारी और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
विज्ञापन