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परमात्मा की भक्ति से ही जीवन सफल और सार्थक : शमा बाई
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मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा गढ़ी में आयोजित सद्भावना सत्संग समारोह में संगत का मार्गदर्शन करत
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। परम पिता परमात्मा की भक्ति करने से मानव जीवन सफल और सार्थक होता है। मनुष्य जन्म पाकर भगवान का भजन नहीं किया तो कुछ भी नहीं किया। यह प्रवचन बुधवार को मां राज राजेश्वरी आश्रम प्रभारी और सद्गुरु सतपाल महाराज की वरिष्ठ शिष्या महात्मा शमा बाई ने श्रद्धालुओं को किए।
महात्मा शमा ने मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से गढ़ी में आयोजित सद्भावना सत्संग में भगवत प्रेमियों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर महात्मा त्रिपुरा बाई और महात्मा संयमी बाई ने कहा कि गुरु दरबार में प्रभु-प्रेमियों के दिलों में भक्तिभाव और संस्कारों के बीज बोए जाते हैं। मन को एकाग्र करने की विधि बताई जाती है और आध्यात्मिक ज्ञान के खजाने की चाबी प्रदान की जाती है।
उनका कहना था कि जब तक मन नहीं बंधेगा, तब तक अनुभव नहीं होगा। आत्मा अनुभव के बिना जिंदगी पशु तुल्य है। सत्संग में उपस्थित श्रद्धालुओं ने नेकी और रुहानियत के मार्ग पर अग्रसर होने का संकल्प लिया। इस मौके पर कैप्टन राम प्यारा, कैप्टन नत्थू राम, जोगेंद्र कुमार, हेम राज, पवन कुमार आदि मौजूद थे।
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उधमपुर। परम पिता परमात्मा की भक्ति करने से मानव जीवन सफल और सार्थक होता है। मनुष्य जन्म पाकर भगवान का भजन नहीं किया तो कुछ भी नहीं किया। यह प्रवचन बुधवार को मां राज राजेश्वरी आश्रम प्रभारी और सद्गुरु सतपाल महाराज की वरिष्ठ शिष्या महात्मा शमा बाई ने श्रद्धालुओं को किए।
महात्मा शमा ने मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से गढ़ी में आयोजित सद्भावना सत्संग में भगवत प्रेमियों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर महात्मा त्रिपुरा बाई और महात्मा संयमी बाई ने कहा कि गुरु दरबार में प्रभु-प्रेमियों के दिलों में भक्तिभाव और संस्कारों के बीज बोए जाते हैं। मन को एकाग्र करने की विधि बताई जाती है और आध्यात्मिक ज्ञान के खजाने की चाबी प्रदान की जाती है।
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उनका कहना था कि जब तक मन नहीं बंधेगा, तब तक अनुभव नहीं होगा। आत्मा अनुभव के बिना जिंदगी पशु तुल्य है। सत्संग में उपस्थित श्रद्धालुओं ने नेकी और रुहानियत के मार्ग पर अग्रसर होने का संकल्प लिया। इस मौके पर कैप्टन राम प्यारा, कैप्टन नत्थू राम, जोगेंद्र कुमार, हेम राज, पवन कुमार आदि मौजूद थे।
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