{"_id":"69e14e2beff7bb4e110e466e","slug":"ropeway-project-dispute-meeting-udhampur-news-c-309-1-sjam1002-103390-2026-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोपवे परियोजना विवाद : हाई पावर कमेटी में धार्मिक संगठनों के साथ जम्मू चैंबर को मिले जगह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोपवे परियोजना विवाद : हाई पावर कमेटी में धार्मिक संगठनों के साथ जम्मू चैंबर को मिले जगह
विज्ञापन
- संघर्ष समिति के साथ विश्व हिंदू परिषद, सनातन धर्म सभा और बजरंग दल की बैठक में उठी मांग
कटड़ा। धर्मनगरी में संघर्ष समिति के साथ विश्व हिंदू परिषद, सनातन धर्म सभा और बजरंग दल के संयुक्त तत्वावधान में महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता हुई। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह मंत्री एवं संघर्ष समिति के प्रवक्ता करण सिंह ने कहा कि रोपवे परियोजना को लेकर हाई पावर कमेटी के साथ मतभेद हैं। कमेटी में प्रतिनिधित्व का अभाव है। ऐसे में सनातन धर्म सभा, विश्व हिंदू परिषद, साधु समाज और जम्मू चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों को भी कमेटी में शामिल किया जाए ताकि निर्णय संतुलित और सर्वमान्य हो सके।
पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि तीर्थ यात्रा के विकास और आधुनिक सुविधाओं का स्वागत करते हैं, लेकिन विकास के नाम पर आस्था और पारंपरिक मार्ग की महत्वता कम नहीं होनी चाहिए।
सनातन धर्म सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष शक्ति दत्त के अनुसार विकास परियोजनाओं से मां वैष्णो देवी यात्रा की पारंपरिक पहचान प्रभावित न हो। विशेष रूप से बाणगंगा, चरण पादुका और अर्धकुंवारी जैसे पवित्र पड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि ये स्थल केवल मार्ग का हिस्सा नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं जिनकी धार्मिक गरिमा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
विज्ञापन
वक्ताओं ने बताया कि इस विषय को लेकर प्रशासन, श्राइन बोर्ड और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। यहां विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री अभिषेक गुप्ता, संगठन मंत्री राजेंद्र, बजरंग दल के संयोजक कार्तिक सुदन, संघर्ष समिति के अध्यक्ष बलिराम राणा उपस्थित रहे।
विज्ञापन
कटड़ा। धर्मनगरी में संघर्ष समिति के साथ विश्व हिंदू परिषद, सनातन धर्म सभा और बजरंग दल के संयुक्त तत्वावधान में महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता हुई। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह मंत्री एवं संघर्ष समिति के प्रवक्ता करण सिंह ने कहा कि रोपवे परियोजना को लेकर हाई पावर कमेटी के साथ मतभेद हैं। कमेटी में प्रतिनिधित्व का अभाव है। ऐसे में सनातन धर्म सभा, विश्व हिंदू परिषद, साधु समाज और जम्मू चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों को भी कमेटी में शामिल किया जाए ताकि निर्णय संतुलित और सर्वमान्य हो सके।
पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि तीर्थ यात्रा के विकास और आधुनिक सुविधाओं का स्वागत करते हैं, लेकिन विकास के नाम पर आस्था और पारंपरिक मार्ग की महत्वता कम नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
सनातन धर्म सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष शक्ति दत्त के अनुसार विकास परियोजनाओं से मां वैष्णो देवी यात्रा की पारंपरिक पहचान प्रभावित न हो। विशेष रूप से बाणगंगा, चरण पादुका और अर्धकुंवारी जैसे पवित्र पड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि ये स्थल केवल मार्ग का हिस्सा नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं जिनकी धार्मिक गरिमा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
विज्ञापन
वक्ताओं ने बताया कि इस विषय को लेकर प्रशासन, श्राइन बोर्ड और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। यहां विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री अभिषेक गुप्ता, संगठन मंत्री राजेंद्र, बजरंग दल के संयोजक कार्तिक सुदन, संघर्ष समिति के अध्यक्ष बलिराम राणा उपस्थित रहे।