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पस्सियां गिरने से उधमपुर-घोरडी मार्ग बंद, सौ से अधिक गांव हुए प्रभावित
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उधमपुर: घोरडी रोड पर हुआ लैंडस्लाइड
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर/रामनगर। तेज बारिश के दौरान पस्सियां गिरने पर उधमपुर-घोरडी मार्ग शुक्रवार देर रात बंद हो गया है। इसके कारण सौ से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। मार्ग बंद होने पर विद्यार्थी समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाए, और कर्मचारी कार्यालयों में नहीं पहुंच सके। शनिवार को हालात यह हो गए कि ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पस्सियों के ऊपर से गुजरने को मजबूर हो गए।
जानकारी के अनुसार घोरडी इलाके में देर रात को बारिश शुरू हुई और तरिंगलियां इलाके में करीब एक बजे पहाड़ का बड़ा हिस्सा मार्ग पर गिर गया। इससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। बरमीन, बिंडला, घोरडी व अन्य इलाके के लोगों को इसके बारे में सुबह पता चला। उधमपुर और घोरडी से बसें निकल चुकी थीं। लेकिन, मार्ग बंद होने की सूचना मिलने पर उधमपुर से निकली बस केवल बरमीन तक जा सकीं, और वहीं से वापस लौट आई। वहीं, दूसरी तरफ से भी बस बिंडला तक चल सकी।
मार्ग बंद होने के कारण विद्यार्थी समय पर स्कूलों में नहीं पहुंच सके। स्टाफ भी कई किमी पैदल चलकर स्कूलों में पहुंचा। इसी तरह घोरडी व बरमीन में मौजूद सरकारी कार्यालयों में नियुक्त कर्मचारी भी समय पर नहीं पहुंच सके। लोगों को दूसरी तरफ जाने के लिए जान जोखिम में डालकर पैदल ही सफर तय करना पड़ा। स्थानीय निवासी रवि कुमार व अन्य ने बताया कि करीब चार वर्ष से मार्ग को चौड़ा करने का काम चल रहा है। जब से पहाड़ की कटाई की गई है, तब से बरसात के दौरान पस्सियां गिरने पर मार्ग बंद होता है। फिर इसको खुलने में कई दिन लग जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि मार्ग पर सौ से अधिक गांव निर्भर हैं। जब यह मार्ग बंद होता है तो लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। इससे घोरडी का व्यापार भी प्रभावित हो जाता है। कई बार मांग करने के बाद भी प्रशासन इस परेशानी का स्थायी समाधान नहीं निकाल सका। इसके बारे में सुबह ही पीडब्ल्यूडी को सूचित कर दिया गया, लेकिन मार्ग खोलने के लिए कोई मशीनरी नहीं पहुंची। हालांकि, शाम को पीडब्ल्यूडी ने कार्रवाई शुरू कर दी थी और मशीनरी भी मौके पर पहुंच चुकी थीं।
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जानकारी के अनुसार घोरडी इलाके में देर रात को बारिश शुरू हुई और तरिंगलियां इलाके में करीब एक बजे पहाड़ का बड़ा हिस्सा मार्ग पर गिर गया। इससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। बरमीन, बिंडला, घोरडी व अन्य इलाके के लोगों को इसके बारे में सुबह पता चला। उधमपुर और घोरडी से बसें निकल चुकी थीं। लेकिन, मार्ग बंद होने की सूचना मिलने पर उधमपुर से निकली बस केवल बरमीन तक जा सकीं, और वहीं से वापस लौट आई। वहीं, दूसरी तरफ से भी बस बिंडला तक चल सकी।
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मार्ग बंद होने के कारण विद्यार्थी समय पर स्कूलों में नहीं पहुंच सके। स्टाफ भी कई किमी पैदल चलकर स्कूलों में पहुंचा। इसी तरह घोरडी व बरमीन में मौजूद सरकारी कार्यालयों में नियुक्त कर्मचारी भी समय पर नहीं पहुंच सके। लोगों को दूसरी तरफ जाने के लिए जान जोखिम में डालकर पैदल ही सफर तय करना पड़ा। स्थानीय निवासी रवि कुमार व अन्य ने बताया कि करीब चार वर्ष से मार्ग को चौड़ा करने का काम चल रहा है। जब से पहाड़ की कटाई की गई है, तब से बरसात के दौरान पस्सियां गिरने पर मार्ग बंद होता है। फिर इसको खुलने में कई दिन लग जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि मार्ग पर सौ से अधिक गांव निर्भर हैं। जब यह मार्ग बंद होता है तो लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। इससे घोरडी का व्यापार भी प्रभावित हो जाता है। कई बार मांग करने के बाद भी प्रशासन इस परेशानी का स्थायी समाधान नहीं निकाल सका। इसके बारे में सुबह ही पीडब्ल्यूडी को सूचित कर दिया गया, लेकिन मार्ग खोलने के लिए कोई मशीनरी नहीं पहुंची। हालांकि, शाम को पीडब्ल्यूडी ने कार्रवाई शुरू कर दी थी और मशीनरी भी मौके पर पहुंच चुकी थीं।