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ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों के शिक्षक स्थानांतरित करने पर रोष
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उधमपुर: कमिश्नर सेक्रेटरी एजुकेशन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए लोग.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। शिक्षा विभाग की तरफ से किए गए स्थानांतरणों के विरोध में सोमवार को जिले के लोगों ने शहर के सलाथिया चौक पर आयुक्त सचिव शिक्षा विभाग वीके सिंह का पुतला फूंका। उनका कहना था कि ग्रामीणों इलाकों से शहरों में शिक्षकों को भेज दिया है। अब गांवों के स्कूलों में शिक्षक न के बराबर हैं।
सुरजीत सिंह के नेतृत्व में लोगों ने वीके सिंह का पुतला फूंककर नारेबाजी की। प्रदर्शन में पार्षद समनीक भसीन और पार्षद जगदीश कुमार भी मौजूद रहे। सुरजीत ने कहा कि शिक्षा विभाग में लंबे समय से स्थानांतरण के नाम पर धांधली चल रही है। इसके कारण दूरदराज ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थी नुकसान झेल रहे हैं। पिछले दिनों जो स्थानांतरण हुए हैं, उनमें धांधली की गई है। जिले के ग्रामीण इलाकों के सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में वर्षों से स्टाफ कम है। फिर भी विभाग ने यहां शिक्षक भेजने की बजाय कई शिक्षकों को शहर स्थानांतरित कर दिया है।
उन्होंने कहा कि शहर के कई स्कूलों में जरूरत से कई अधिक स्टाफ नियुक्त है। इनमें बच्चे इतने नहीं, जितने उनमें शिक्षक हैं। वर्षों से ये शिक्षक एक ही स्कूलों में नियुक्त होकर काम कर रहे हैं। इन शिक्षकों को ही ग्रामीण इलाकों में नियुक्त कर स्टाफ की कमी को दूर किया जा सकता है। लेकिन, शिक्षा विभाग ने ऐसा नहीं किया। अब आयुक्त सचिव ने भी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना शुरू कर दिया है। उन्होंने मांग की कि उपराज्यपाल पिछले दिनों हुए स्थानांतरणों की जांच करवाएं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
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सुरजीत सिंह के नेतृत्व में लोगों ने वीके सिंह का पुतला फूंककर नारेबाजी की। प्रदर्शन में पार्षद समनीक भसीन और पार्षद जगदीश कुमार भी मौजूद रहे। सुरजीत ने कहा कि शिक्षा विभाग में लंबे समय से स्थानांतरण के नाम पर धांधली चल रही है। इसके कारण दूरदराज ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थी नुकसान झेल रहे हैं। पिछले दिनों जो स्थानांतरण हुए हैं, उनमें धांधली की गई है। जिले के ग्रामीण इलाकों के सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में वर्षों से स्टाफ कम है। फिर भी विभाग ने यहां शिक्षक भेजने की बजाय कई शिक्षकों को शहर स्थानांतरित कर दिया है।
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उन्होंने कहा कि शहर के कई स्कूलों में जरूरत से कई अधिक स्टाफ नियुक्त है। इनमें बच्चे इतने नहीं, जितने उनमें शिक्षक हैं। वर्षों से ये शिक्षक एक ही स्कूलों में नियुक्त होकर काम कर रहे हैं। इन शिक्षकों को ही ग्रामीण इलाकों में नियुक्त कर स्टाफ की कमी को दूर किया जा सकता है। लेकिन, शिक्षा विभाग ने ऐसा नहीं किया। अब आयुक्त सचिव ने भी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना शुरू कर दिया है। उन्होंने मांग की कि उपराज्यपाल पिछले दिनों हुए स्थानांतरणों की जांच करवाएं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
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