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शमशान घाट पर तैयार किए गए जा रहे संस्कार बेड का किया विरोध
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उधमपुर में शमशान घाट पर तैयार किए गए संस्कार बेड जिसका शहरवासी विरोध कर रहे हैं
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। देविका परियोजना के तहत श्मशान घाट के विकास कार्य का स्थानीय लोगों ने विरोध किया है। यूईईडी ने शहरवासियों के साथ बिना चर्चा किए ही अंतिम संस्कार के लिए जगह तैयार कर दी हैं। लोगों के मुताबिक उनमें बहुत कमियां हैं।
करीब 190 करोड़ की राशि से देविका परियोजना के तहत काम किया जा रहा है। सीवरेज पाइप लाइन बिछाने के साथ ही देविका के दोनों तटों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसी परियोजना के तहत देविका श्मशान घाट का भी विकास हो रहा है। घाट की कई वर्षों से हालत खराब है। नदी पर तैयार पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, और किसी भी पल गिर भी सकता है। इसके साथ शेड की हालत भी खराब है। वहीं, अंतिम संस्कार के लिए बने स्थान की हालत वर्षों से खराब है।
कुछ सप्ताह से यूईईडी श्मशान घाट में विकास कार्य कर रहा है। लेकिन, इस विकास कार्य से शहरवासी खुश नहीं हैं। विशेष तौर पर अंतिम संस्कार के प्लेटफॉर्म का विरोध किया जा रहा है। अधिवक्ता सुरेंद्र खजूरिया, चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान शाम स्वरूप कलसोत्रा, आदि शहरवासियों का कहना है कि यूईईडी ने बहुत गलत तरीके से काम किया है। इसमें बहुत तकनीकी खामियां हैं।
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उन्होंने बताया कि श्मशान घाट में एक किनारे पर 10 अंतिम संस्कार प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। पहले यहां तीन प्लेटफॉर्म थे। उतने में ही 10 प्लेटफॉर्म तैयार करना कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। दो प्लेटफॉर्म एक साथ तैयार हुए हैं। जब शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा तो प्लेटफॉर्म की परिक्रमा करना संभव नहीं होगा। इसके साथ हिंदू परंपरा के अनुसार दो शव आमने सामने नहीं जलाए जा सकते। लेकिन, मौजूदा सभी प्लेटफॉर्म आमने सामने ही तैयार किए हैं। यूईईडी को अपनी गलती जल्द सुधारनी होगी।
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करीब 190 करोड़ की राशि से देविका परियोजना के तहत काम किया जा रहा है। सीवरेज पाइप लाइन बिछाने के साथ ही देविका के दोनों तटों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसी परियोजना के तहत देविका श्मशान घाट का भी विकास हो रहा है। घाट की कई वर्षों से हालत खराब है। नदी पर तैयार पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, और किसी भी पल गिर भी सकता है। इसके साथ शेड की हालत भी खराब है। वहीं, अंतिम संस्कार के लिए बने स्थान की हालत वर्षों से खराब है।
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कुछ सप्ताह से यूईईडी श्मशान घाट में विकास कार्य कर रहा है। लेकिन, इस विकास कार्य से शहरवासी खुश नहीं हैं। विशेष तौर पर अंतिम संस्कार के प्लेटफॉर्म का विरोध किया जा रहा है। अधिवक्ता सुरेंद्र खजूरिया, चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान शाम स्वरूप कलसोत्रा, आदि शहरवासियों का कहना है कि यूईईडी ने बहुत गलत तरीके से काम किया है। इसमें बहुत तकनीकी खामियां हैं।
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उन्होंने बताया कि श्मशान घाट में एक किनारे पर 10 अंतिम संस्कार प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। पहले यहां तीन प्लेटफॉर्म थे। उतने में ही 10 प्लेटफॉर्म तैयार करना कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। दो प्लेटफॉर्म एक साथ तैयार हुए हैं। जब शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा तो प्लेटफॉर्म की परिक्रमा करना संभव नहीं होगा। इसके साथ हिंदू परंपरा के अनुसार दो शव आमने सामने नहीं जलाए जा सकते। लेकिन, मौजूदा सभी प्लेटफॉर्म आमने सामने ही तैयार किए हैं। यूईईडी को अपनी गलती जल्द सुधारनी होगी।