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मनरेगा कर्मियों ने प्रदर्शन कर मांगा हक
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उधमपुर। लंबित मांगों के समर्थन में मनरेगा के अस्थायी कर्मचारियों की कामछोड़ हड़ताल 26वें भी जारी रही। मनरेगा इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों ने बीडीओ कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन कर हक के लिए आवाज बुलंद की।
एसोसिएशन के जिला प्रधान असलम अहमद ने कहा कि मनरेगा कर्मचारियों के प्रति अपनाए जा रहे उपेक्षापूर्ण रवैये से उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके समाधान की मांग को लेकर वह 26 दिन से कामछोड़ हडताल पर हैं। मगर प्रदेश प्रशासन पर कोई भी असर नहीं हुआ है। मंगलवार को उधमपुर में उन्होंने उपराज्यपाल के समक्ष भी मांगों को उठाया था, लेकिन उनके आश्वासन से असंतुष्ट हैं। इसलिए मनरेगा इंप्लाइज एसोसिएशन मांगो को लेकर आंदोलन को तेज करने पर विचार कर रही है। जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक संघर्ष जारी रखेंगे। मनरेगा इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों ने की हड़ताल 16 अगस्त से जारी है, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। इससे हजारों मनरेगा कर्मी परेशान हैं। स्थायी करने पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। वेतन भी बेहद कम दिया जा रहा है। इससे परिवार का पेट पालना भी मुश्किल हो रहा है।
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एसोसिएशन के जिला प्रधान असलम अहमद ने कहा कि मनरेगा कर्मचारियों के प्रति अपनाए जा रहे उपेक्षापूर्ण रवैये से उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके समाधान की मांग को लेकर वह 26 दिन से कामछोड़ हडताल पर हैं। मगर प्रदेश प्रशासन पर कोई भी असर नहीं हुआ है। मंगलवार को उधमपुर में उन्होंने उपराज्यपाल के समक्ष भी मांगों को उठाया था, लेकिन उनके आश्वासन से असंतुष्ट हैं। इसलिए मनरेगा इंप्लाइज एसोसिएशन मांगो को लेकर आंदोलन को तेज करने पर विचार कर रही है। जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक संघर्ष जारी रखेंगे। मनरेगा इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों ने की हड़ताल 16 अगस्त से जारी है, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। इससे हजारों मनरेगा कर्मी परेशान हैं। स्थायी करने पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। वेतन भी बेहद कम दिया जा रहा है। इससे परिवार का पेट पालना भी मुश्किल हो रहा है।
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