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स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल, तीन घंटे सेवाएं ठप रहने से मरीज हुए दरबदर
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उधमपुर। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मांगें पूरी करवाने के लिए मंगलवार को तीन घंटे तक हड़ताल की। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों को दरबदर होना पड़ा। जिला अस्पताल में ओपीडी सेवा भी प्रभावित हुईं। हालांकि इमरजेंसी सेवा जारी रहने से मरीजों को ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। प्राइमरी हेल्थ सेंटर व स्वास्थ्य केंद्रों में भी काम बंद रहने से मरीजों को परेशानी हुई।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल का पहले ही एलान कर दिया था और ज्यादातर लोगों को इसके बारे में पता चल गया था, इसलिए कम संख्या में लोग जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। सुबह स्थायी कर्मचारियों ने काम नहीं किया और इसी कारण मरीजों को ओपीडी में जांच करने के लिए पर्ची नहीं मिल सकी। हालांकि 11 बजे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्थायी कर्मचारियों को पर्ची काटने पर लगा दिया और इससे कुछ लोगों को जांच के लिए पर्ची मिल गई। जिला अस्पताल की लेबोरेटरी में भी काम चलता रहता। काफी संख्या में मरीज टेस्ट व रिपोर्ट लेने के लिए पहुंचे थे और लेबोरेटरी में काम चलने से इन्हें राहत मिली। इमरजेंसी सेवाएं मिलने पर मरीजों की ज्यादा भीड़ रही। जिले में मौजूद 20 से अधिक प्राइमरी हेल्थ सेंटर में दस से दोपहर एक बजे तक काम प्रभावित रहा और लोगों को इससे परेशान होना पड़ा। एक बजे के बाद काम स्वास्थ्य कर्मियों ने काम शुरू किया, जिसके बाद मरीजों की जांच के साथ उपचार किया गया।
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चार साल से डीपीसी नहीं हुई, बिना
पदोन्नति सेवानिवृत्त हो रहे मुलाजिम
- मांगें पूरी करवाने के लिए कर्मियों ने की सरकार के खिलाफ नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर/रियासी। जिला अस्पताल उधमपुर व रियासी में हड़ताली कर्मियों ने प्रमोशन के लिए डीपीसी तैयार करने, फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों का रोका वेतन जारी करने और अन्य मांगें पूरा करवाने के लिए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सुबह दस से दोपहर एक बजे तक हड़ताल की। उधमपुर में जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन जिला उधमपुर के प्रधान धीरज शर्मा ने कहा कि चार साल से डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) नहीं हुई है। इससे बिना पदोन्नति लाभ के कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। फार्मासिस्टों की रजिस्ट्रेशन भी कई वर्षों से बंद है। कोर्स पूरा करने के बाद भी 20 हजार युवा रजिस्ट्रेशन का इंतजार कर रहे हैं। छह महीने से फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर्स को वेतन जारी नहीं किया गया है। सरकार पुरानी पेंशन योजना भी लागू नहीं कर रही। नई पेंशन योजना से कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। एसोसिएशन की मांग है कि सरकार पुरानी पेंशन योजना लागू करने के साथ अन्य मांगों को पूरा कर राहत प्रदान करे।
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रियासी में माड़ी स्थित जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने आपातकालीन स्थिति को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की सुविधाओं को बंद रखा। ब्लॉक मेडिकल कार्यालय परिसर में भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
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पांच माह का बकाया वेतन जारी करे सरकार
रामनगर। रामनगर में भी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मंगलवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनियन के तहसील प्रधान खेमराज ने कहा कि सरकार ने बीते पांच माह से अस्थायी कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया है। इससे कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार अधिकारियों को वेतन के बारे में अवगत करवा चुके हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलते रहे हैं। इस दौरान पक्की नौकरी के साथ पुरानी पेंशन भी बहाल करने की मांग की गई। संवाद
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स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल का पहले ही एलान कर दिया था और ज्यादातर लोगों को इसके बारे में पता चल गया था, इसलिए कम संख्या में लोग जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। सुबह स्थायी कर्मचारियों ने काम नहीं किया और इसी कारण मरीजों को ओपीडी में जांच करने के लिए पर्ची नहीं मिल सकी। हालांकि 11 बजे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्थायी कर्मचारियों को पर्ची काटने पर लगा दिया और इससे कुछ लोगों को जांच के लिए पर्ची मिल गई। जिला अस्पताल की लेबोरेटरी में भी काम चलता रहता। काफी संख्या में मरीज टेस्ट व रिपोर्ट लेने के लिए पहुंचे थे और लेबोरेटरी में काम चलने से इन्हें राहत मिली। इमरजेंसी सेवाएं मिलने पर मरीजों की ज्यादा भीड़ रही। जिले में मौजूद 20 से अधिक प्राइमरी हेल्थ सेंटर में दस से दोपहर एक बजे तक काम प्रभावित रहा और लोगों को इससे परेशान होना पड़ा। एक बजे के बाद काम स्वास्थ्य कर्मियों ने काम शुरू किया, जिसके बाद मरीजों की जांच के साथ उपचार किया गया।
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चार साल से डीपीसी नहीं हुई, बिना
पदोन्नति सेवानिवृत्त हो रहे मुलाजिम
- मांगें पूरी करवाने के लिए कर्मियों ने की सरकार के खिलाफ नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर/रियासी। जिला अस्पताल उधमपुर व रियासी में हड़ताली कर्मियों ने प्रमोशन के लिए डीपीसी तैयार करने, फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों का रोका वेतन जारी करने और अन्य मांगें पूरा करवाने के लिए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सुबह दस से दोपहर एक बजे तक हड़ताल की। उधमपुर में जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन जिला उधमपुर के प्रधान धीरज शर्मा ने कहा कि चार साल से डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) नहीं हुई है। इससे बिना पदोन्नति लाभ के कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। फार्मासिस्टों की रजिस्ट्रेशन भी कई वर्षों से बंद है। कोर्स पूरा करने के बाद भी 20 हजार युवा रजिस्ट्रेशन का इंतजार कर रहे हैं। छह महीने से फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर्स को वेतन जारी नहीं किया गया है। सरकार पुरानी पेंशन योजना भी लागू नहीं कर रही। नई पेंशन योजना से कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। एसोसिएशन की मांग है कि सरकार पुरानी पेंशन योजना लागू करने के साथ अन्य मांगों को पूरा कर राहत प्रदान करे।
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रियासी में माड़ी स्थित जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने आपातकालीन स्थिति को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की सुविधाओं को बंद रखा। ब्लॉक मेडिकल कार्यालय परिसर में भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
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पांच माह का बकाया वेतन जारी करे सरकार
रामनगर। रामनगर में भी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मंगलवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनियन के तहसील प्रधान खेमराज ने कहा कि सरकार ने बीते पांच माह से अस्थायी कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया है। इससे कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार अधिकारियों को वेतन के बारे में अवगत करवा चुके हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलते रहे हैं। इस दौरान पक्की नौकरी के साथ पुरानी पेंशन भी बहाल करने की मांग की गई। संवाद