फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   parking land

Udhampur News: पांच मरला भूमि से अटकी पार्किंग विकल्प तलाश रहा नगर परिषद

Sun, 14 Jan 2024 04:14 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर Updated Sun, 14 Jan 2024 04:14 PM IST
विज्ञापन
parking land
पैसों को लैप्स होने से रोकने के लिए अविवादित भूमि पर किया जा सकता है निर्माण शुरू
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

उधमपुर। शहर के मुख्य बाजारों में पार्किंग की कोई पर्याप्त सुविधा न होने से शहरवासियों सहित हर वर्ग को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन जाम की स्थिति रहती है। खासकर त्योहारों में वन-वे या फिर ट्रैफिक को मजबूरन डायवर्ट करना पड़ता है। सड़क किनारे बेतरतीब वाहन प्रतिदिन खड़े रहते हैं। इस समस्या को लेकर प्रशासन की ओर से पुरानी सब्जी मंडी में 15 करोड़ रुपये की लागत से 4 कनाल भूमि से 3 मंजिला कार पार्किंग की परियोजना तैयार कर समस्या के समाधान का प्रयास करने की कोशिश की। मगर तीन साल बीतने के बावजूद पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।

पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए के लिए मई 2021 में शहर में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की मंजूरी मिली थी। पार्किंग स्थल की कुल लागत 15 करोड़ रुपये निर्धारित हुई। इसको लेकर डायरेक्टर लोकल बॉडी ने पैसे भी मंजूर किए। पीडब्ल्यूडी ने कंस्लटेंट एजेंसी को इमारत की डिजाइनिंग बनाने का काम सौंपा था। इसको पूरा करने में 6 महीने लग गए। इसके बाद अक्तूबर 2022 में पीडब्ल्यूडी ने पार्किंग के निर्माण के लिए टेंडर निकाले और नवंबर के पहले सप्ताह में ही इसका टेंडर जम्मू के ठेकेदार को मिल गया। मगर आज तक पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।
विज्ञापन


4 कनाल भूमि पर तैयार होनी थी परियोजना : पुरानी होल सेल सब्जी मंडी में लगभग 4 कनाल भूमि पर तैयार होने वाली तीन मंजिला कार पार्किंग बननी थी। इसमें 100 से अधिक कारें एक बार में खड़ी हो सकेंगी। इस पर पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे। परंतु चार कनाल भूमि में से 5 मरला भूमि को एक व्यक्ति द्वारा खाली नहीं किए जाने के कारण शुरू नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि उस व्यक्ति को अलाट की गई पांच मरला जमीन बीच में आ रही है। इसमें दो कमरे भी निर्मित हैं। जिला प्रशासन उसको इस जमीन के लिए 9 लाख रुपये दे रहा था। लेकिन वह जमीन खाली करने को तैयार नहीं हो रहा है। इस कारण आज तक पार्किंग निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं आ पाया है। हालांकि प्रशासन चाहे तो बाकी बची जमीन पर परियोजना का निर्माण कार्य शुरू करवा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अगर प्रशासन चाहे तो पार्किंग के लिए मंजूर भूमि के बाकी हिस्से पर निर्माण कार्य शुरू करवा सकता है। इससे परियोजना के लिए हर वर्ष जारी होने वाले पैसे को लैप्स होने से रोका जा सकता है। निर्माण कार्य के दौरान जमीनी विवाद को लेकर जो भी फैसला लिया जाता है। उस पर अमल करते हुए परियोजना को अंतिम रूप दिया जा सकता है। अगर ऐसे ही पैसा लैप्स होता रहा तो कहीं यह न हो कि पूरी परियोजना तैयार होने से पहले ही बंद न पड़ जाए।

-डॉ. योगेश्वर गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद।
मामला कोर्ट में पांच मरला भूमि के अधिक मुआवजे को लेकर अटका हुआ है। मगर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ भी उस मुद्दे पर बात चल रही है कि अगर विवादित भूमि के हिस्से को छोड़कर परियोजना पर निर्माण किया जाए तो विकल्प के रूप में कैसा ढांचा तैयार किया जा सकता है। इससे परियोजना को ठप होने से रोका जा सकता है


- अमित शर्मा, सीईओ नगर परिषद।
बार-बार परियोजना के पैसे हो रहे लैप्स

तीन मंजिला कार पार्किंग के लिए दो बार पैसे जारी किए गए। मगर निर्माण कार्य शुरू न होने पर सभी पैसे लैप्स होते जा रहे हैं। पिछले वर्ष इस परियोजना के लिए ढाई करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, परंतु वो भी लैप्स हो गई। इस वित्तीय वर्ष के दौरान 3 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। अगर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया तो मार्च के बाद फिर से लैप्स हो जाएंगे। इसके अलावा परियोजना के तहत निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पार्किंग स्थल पर लगे बिजली के ट्रांसफार्मर को हटाने के लिए भी टेंडर हुआ था। टेंडर हासिल करने के बाद वहां से सभी खंभों एवं ट्रांसफार्मरों को हटाने के लिए भी हजारों रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed