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Udhampur News: अमृत सरोवर योजना के बावजूद नहीं बदली दशा, लुप्त होने के कगार पर प्राचीन तालाब

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No Renovation of Ancient Pond
उधमपुर के वार्ड नंबर एक में ​स्थित पीर बाबा चौक जखैनी में दयनीय हालत में प्राचीन तालाब।
संवाद न्यूज एजेंसी
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उधमपुर। अमृत सरोवर योजना आने के बावजूद शहर के वार्ड नंबर एक में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ते पीर बाबा चौक के पास मौजूद प्राचीन धरोहर लुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है। शहर के बीचोंबीच होने के बावजूद 100 साल पुराना प्राचीन तालाब अपनी पहचान खो रहा है। न प्रशासन और न ही नगर परिषद को इसकी परवाह है।
मौजूदा समय में तालाब
दयनीय दशा में है। इतना ही नहीं तालाब का पानी इतना गंदा कि हर समय मच्छर उस पर पनपते रहते हैं। हालांकि जिस जगह पर यह तालाब
है वहां पर धार्मिक स्थान होने के चलते लोगों की आवाजाही भी काफी है। स्थानीय लोगों का कहना था कि हमारे पूर्वजों के समय में इस तालाब
से क्षेत्र में होने वाले विवाह व अन्य कार्यक्रमों के लिए पानी को इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन मौजूदा समय में तालाब
की दुर्दशा के चलते जानवर भी पानी पीने से अपना मुंह फेर लेते है। पांच माह पहले नगर परिषद की ओर से इस तालाब
को अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब
की मरम्मत का कार्य शुरू करवाने के साथ ही इसकी साफ सफाई करवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन कुछ नहीं हुआ।
लों ने एक बार फिर से प्रशासन व नगर परिषद से मांग करते हुए कहा कि
तालाब
को अमृत सरोवर योजना में लाया जाए और जल्द से जल्द इस तालाब
की मरम्मत का कार्य शुरू करवाया जाएं ताकि यह प्राचीन धरोहर बच सके। स्थानीय
निवासी संजय शर्मा, सुषमा महाजन, अंकित, रेखा देवी, गिरधारी लाल, राजकुमारी, बिशन दास, सहित अन्य लोगों का कहना था कि अगर सरकार की ओर से अमृत सरोवर योजना चलाई गई थी तो इस तालाब
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को भी उस योजना में रखकर इसकी मरम्मत करवानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका जिसका उन्हें काफी मलाल है।

सरकार की ओर से अमृत सरोवर योजना के तहत जिला में दयनीय दशा में पड़े तालाबों की मरम्मत का कार्य करवाए गए। लेकिन शहर के बीचों बीच होने के बावजूद इस ओर प्रशासन का ध्यान नहीं गया और तालाब
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की स्थिति वैसी की वैसी है। गौरतलब है कि क्षेत्र को नगर परिषद के अधीन आए नौ साल हो चुके हैं और अब यह वार्ड नंबर एक का क्षेत्र है। उसके बावजूद तालाब
की दशा वैसी की वैसी है।





स्थानीय लोगों में रोष बुजुर्गों की निशानी व प्राचीन धरोहर हो रही है लुप्त
स्थानीय लोगों का कहना था कि यह तालाब
हमारे बुजुर्गों की निशानी होने के साथ ही प्राचीन धरोहर भी है। लेकिन हैरानी की बात है कि अभी तक प्रशासन ओर न ही नगर परिषद का ध्यान इस ओर गया है। जिसके चलते हमारे बुजुर्गों की निशानी के साथ साथ प्राचीन धरोहर भी लुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है।
कचरा व गंदगी से भरा पड़ा है तालाब

मौजूदा समय में सिर्फ तालाब
में कचरा व गंदे पानी से उठने वाली बदबू
के अलावा कुछ नहीं है। जिसके चलते स्थानीय लोग काफी परेशान है। क्याेंकि अभी तक न तो तालाब
की मरम्मत का कार्य हो सका और न ही साफ सफाई। उन्होंने बताया कि दस साल पहले इस तालाब
की ब्लॉक की ओर से चारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू करवाया गया था। जो आज तक अधूरा पड़ा हुआ है।


इस संदर्भ में विधायक पवन कुमार गुप्ता का कहना था कि तालाब
की मरम्मत के लिए नगर परिषद के सीईओ से बात की जाएगी। ताकि प्राचीन धरोहर को बचाया जा सके।



रिपोर्ट, परवेज खान
फोटो सहित
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