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Udhampur News: हद है... न्यू बस स्टैंड पर 20 साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव
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उधमपुर शहर के न्यू बस स्टैंड पर सफाई व्यवस्था सुचारू न होने से लगे कचरे के ढेर।
- वार्ड नंबर 18 में 2005 में बनाया गया था , गंदगी की भरमार, यात्री शेड और पानी की व्यवस्था नहीं
उधमपुर। शहर के बीचोंबीच स्थित वार्ड नंबर 18 में बनाए गए न्यू बस स्टैंड पर 20 साल बाद भी सुविधाओं का अभाव है। पुराने बस स्टैंड पर जगह की तंगी को दूर करने के लिए 2005 में न्यू बस स्टैंड बनाया गया था। लेकिन आज भी यहां पेयजल और यात्री शेड की व्यवस्था नहीं है। गंदगी की भी भरमार है।
न्यू बस स्टैंड पर मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते यहां आने जाने वाले यात्रियों सहित स्थानीय दुकानदार भी परेशान हैं। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। कई जगहों पर कचरे के ढेर पिछले कई महीनों से लगे हुए हैं। पांच माह पहले नगर परिषद की टीम ने दौरा कर कुछ स्ट्रीट लाइटें लगवाईं थीं। मौजूदा समय में कई खराब पड़ी हैं। इतना ही नहीं यात्रियों के बैठने के लिए आज तक एक भी शेड नहीं बनाया गया। कहने को तो न्यू बस स्टैंड है लेकिन यात्रियों व चालकों के लिए कोई सुविधा नहीं है। यहां तक कि पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है।
हालांकि जम्मू जाने वाली वीडियो कोच बसें भी यहीं से चलती हैं। इसके साथ ही रामनगर सहित अन्य जगहों पर जाने के लिए बसें भी इसी स्टैंड से निकलती हैं। लेकिन नगर परिषद व प्रशासन की ओर से आज तक बस अड्डे की की सुध नहीं ली गई। इसका खामियाजा स्थानीय दुकानदारों के साथ-साथ यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। इस संदर्भ में करतार सिंह, रमेश कुमार, सोनू, प्रदीप शर्मा सहित अन्य ने बताया कि बस स्टैंड पर सफाई सुचारु रूप से नहीं होती है। कई जगहाें पर कचरे के ढेर लगे हैं। अगर सुरक्षा के लिहाज से देखा जाए तो कई वाहन यहां महीनों से लगे हुए हैं।
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वहीं बस चालकों का कहना था कि अभी तक यहां पर स्थायी तौर पर कोई टिकट काउंटर व चालकों के आराम करने के लिए कोई कमरा तक नहीं बनाया गया है। जिसके चलते उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कोट...
न्यू बस स्टैंड पर खराब पड़ी लाइटों की मरम्मत के लिए विभाग की टीम भेजेंगे। इसके साथ ही वह स्टैंड पर लगे कचरे के ढेरों को उठवाकर सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाया जाएगा। यात्री शेड बनाने का भी प्रयास किया जाएगा।
-राजेंद्र ढींगरा, सीईओ, नगर परिषद
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उधमपुर। शहर के बीचोंबीच स्थित वार्ड नंबर 18 में बनाए गए न्यू बस स्टैंड पर 20 साल बाद भी सुविधाओं का अभाव है। पुराने बस स्टैंड पर जगह की तंगी को दूर करने के लिए 2005 में न्यू बस स्टैंड बनाया गया था। लेकिन आज भी यहां पेयजल और यात्री शेड की व्यवस्था नहीं है। गंदगी की भी भरमार है।
न्यू बस स्टैंड पर मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते यहां आने जाने वाले यात्रियों सहित स्थानीय दुकानदार भी परेशान हैं। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। कई जगहों पर कचरे के ढेर पिछले कई महीनों से लगे हुए हैं। पांच माह पहले नगर परिषद की टीम ने दौरा कर कुछ स्ट्रीट लाइटें लगवाईं थीं। मौजूदा समय में कई खराब पड़ी हैं। इतना ही नहीं यात्रियों के बैठने के लिए आज तक एक भी शेड नहीं बनाया गया। कहने को तो न्यू बस स्टैंड है लेकिन यात्रियों व चालकों के लिए कोई सुविधा नहीं है। यहां तक कि पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है।
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हालांकि जम्मू जाने वाली वीडियो कोच बसें भी यहीं से चलती हैं। इसके साथ ही रामनगर सहित अन्य जगहों पर जाने के लिए बसें भी इसी स्टैंड से निकलती हैं। लेकिन नगर परिषद व प्रशासन की ओर से आज तक बस अड्डे की की सुध नहीं ली गई। इसका खामियाजा स्थानीय दुकानदारों के साथ-साथ यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। इस संदर्भ में करतार सिंह, रमेश कुमार, सोनू, प्रदीप शर्मा सहित अन्य ने बताया कि बस स्टैंड पर सफाई सुचारु रूप से नहीं होती है। कई जगहाें पर कचरे के ढेर लगे हैं। अगर सुरक्षा के लिहाज से देखा जाए तो कई वाहन यहां महीनों से लगे हुए हैं।
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वहीं बस चालकों का कहना था कि अभी तक यहां पर स्थायी तौर पर कोई टिकट काउंटर व चालकों के आराम करने के लिए कोई कमरा तक नहीं बनाया गया है। जिसके चलते उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कोट...
न्यू बस स्टैंड पर खराब पड़ी लाइटों की मरम्मत के लिए विभाग की टीम भेजेंगे। इसके साथ ही वह स्टैंड पर लगे कचरे के ढेरों को उठवाकर सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाया जाएगा। यात्री शेड बनाने का भी प्रयास किया जाएगा।
-राजेंद्र ढींगरा, सीईओ, नगर परिषद