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उधमपुर के पारिस्थितिकी संतुलन पर कहर बरपा रहा बेकाबू खनन : पठानिया
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MLA Pathania Held Meeting
-विधायक बोले, इससे जलीय जीवन, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सीधा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। उधमपुर में अनियंत्रित और अनियमित खनन गतिविधियों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए विधायक रणबीर सिंह पठानिया ने कहा है कि यह प्रथा क्षेत्र के पारिस्थितिकी संतुलन पर कहर बरपा रही है जिससे जलीय जीवन, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सीधा खतरा है।
उन्होंने बट्टल और डिब्बर सहित क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में हाल ही में हुई सामूहिक मछलियों की मौत और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के खत्म होने की घटनाओं की रविवार को समीक्षा करते हुए इसे गंभीर पर्यावरणीय तनाव का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित खनन क्षेत्र के पारिस्थितिकी संतुलन और प्राकृतिक जैव विविधता को बिगाड़ रहा है। जलीय वनस्पतियां और जीव मर रहे हैं। जल निकाय तेजी से गंदे होते जा रहे हैं जिससे पीने का पानी प्रभावित हो रहा है। सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो रहा है।
पठानिया ने कहा कि जल निस्पंदन संयंत्रों, पंपिंग स्टेशनों और यहां तक कि वन क्षेत्रों के पास भी अवैध खनन खतरनाक तरीके से किया जा रहा है, जिन्हें संरक्षित माना जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन खनन कार्यों के कारण मिट्टी के कटाव और अस्थिरता के कारण पुल व सड़क जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे भी खतरे में हैं जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं।
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स्थानीय अधिकारियों की चुनिंदा कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पठानिया ने कहा कि प्रशासन अक्सर सुर्खियां बटोरने के लिए छोटे ट्रॉली ऑपरेटरों को निशाना बनाता है, जबकि असली अपराधी बिना किसी रोक-टोक के अपने काम जारी रखते हैं जिससे प्राकृतिक संसाधनों का दोहन होता है।
उन्होंने अधिकारियों, राजनेताओं और खनन ठेकेदारों के बीच सांठगांठ को उजागर करने और उजागर करने के लिए उच्च स्तरीय जांच की मांग की और उन्हें चल रहे पर्यावरणीय नुकसान और प्रवर्तन की विफलता के लिए जिम्मेदार ठहराया।
इस मौके पर उनके साथ आशीष शर्मा (मंडल प्रधान), ललिता शर्मा (मंडल प्रधान), जोगिंदर, सुभाष शर्मा, वीरेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, आरती शर्मा, सहदेव सिंह, गिरधारी लाल पाधा (सभी पूर्व सरपंच) और बड़ी संख्या में संबंधित स्थानीय लोग मौजूद थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। उधमपुर में अनियंत्रित और अनियमित खनन गतिविधियों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए विधायक रणबीर सिंह पठानिया ने कहा है कि यह प्रथा क्षेत्र के पारिस्थितिकी संतुलन पर कहर बरपा रही है जिससे जलीय जीवन, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सीधा खतरा है।
उन्होंने बट्टल और डिब्बर सहित क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में हाल ही में हुई सामूहिक मछलियों की मौत और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के खत्म होने की घटनाओं की रविवार को समीक्षा करते हुए इसे गंभीर पर्यावरणीय तनाव का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित खनन क्षेत्र के पारिस्थितिकी संतुलन और प्राकृतिक जैव विविधता को बिगाड़ रहा है। जलीय वनस्पतियां और जीव मर रहे हैं। जल निकाय तेजी से गंदे होते जा रहे हैं जिससे पीने का पानी प्रभावित हो रहा है। सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो रहा है।
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पठानिया ने कहा कि जल निस्पंदन संयंत्रों, पंपिंग स्टेशनों और यहां तक कि वन क्षेत्रों के पास भी अवैध खनन खतरनाक तरीके से किया जा रहा है, जिन्हें संरक्षित माना जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन खनन कार्यों के कारण मिट्टी के कटाव और अस्थिरता के कारण पुल व सड़क जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे भी खतरे में हैं जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं।
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स्थानीय अधिकारियों की चुनिंदा कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पठानिया ने कहा कि प्रशासन अक्सर सुर्खियां बटोरने के लिए छोटे ट्रॉली ऑपरेटरों को निशाना बनाता है, जबकि असली अपराधी बिना किसी रोक-टोक के अपने काम जारी रखते हैं जिससे प्राकृतिक संसाधनों का दोहन होता है।
उन्होंने अधिकारियों, राजनेताओं और खनन ठेकेदारों के बीच सांठगांठ को उजागर करने और उजागर करने के लिए उच्च स्तरीय जांच की मांग की और उन्हें चल रहे पर्यावरणीय नुकसान और प्रवर्तन की विफलता के लिए जिम्मेदार ठहराया।
इस मौके पर उनके साथ आशीष शर्मा (मंडल प्रधान), ललिता शर्मा (मंडल प्रधान), जोगिंदर, सुभाष शर्मा, वीरेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, आरती शर्मा, सहदेव सिंह, गिरधारी लाल पाधा (सभी पूर्व सरपंच) और बड़ी संख्या में संबंधित स्थानीय लोग मौजूद थे।