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Udhampur News: मिड-डे मील रसोइयों ने मानदेय बढ़ाने के लिए किया प्रदर्शन
Mon, 24 Feb 2025 12:08 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Mon, 24 Feb 2025 12:08 AM IST
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शहीद भगत सिंह पार्क में प्रदर्शन करते मिड-डे मील कुक। संवाद
- फोटो : udhampur
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बोले - दशकों से बना रहे मिड-डे मील, अब तक मानदेय 900 रुपये प्रतिमाह
उधमपुर। शहर के शहीद भगत सिंह पार्क में ऑल जेएंडके डेली वेजर्स संघर्ष समिति के बैनर तले सरकारी स्कूलों में तैनात मिड-डे मील रसोइयों ने मानदेय बढ़ाने और नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान शिक्षा विभाग और एलजी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्हें सिर्फ 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वेतन मिलता है, जिससे महंगाई के इस दौर में गुजारा करना असंभव हो गया है।
अनिता कुमारी, रंजीत कुमार और अन्य प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले दो दशक से वे मिड-डे मील बना रहे हैं, लेकिन अब तक उनका वेतन 900 रुपये प्रति माह ही है।
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रसोइयों ने सरकार से न्यूनतम वेतन अधिनियम लागू करने, नियमितीकरण नीति तैयार करने, लैंड डोनर को उचित मुआवजा देने और सेवानिवृत्ति के बाद उचित लाभ प्रदान करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर आगामी बजट सत्र में उनकी मांगों को
लेकर समाधान नहीं निकाला गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि कई बार ज्ञापन सौंपने और धरना प्रदर्शन के बावजूद उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। संवाद
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उधमपुर। शहर के शहीद भगत सिंह पार्क में ऑल जेएंडके डेली वेजर्स संघर्ष समिति के बैनर तले सरकारी स्कूलों में तैनात मिड-डे मील रसोइयों ने मानदेय बढ़ाने और नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान शिक्षा विभाग और एलजी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्हें सिर्फ 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वेतन मिलता है, जिससे महंगाई के इस दौर में गुजारा करना असंभव हो गया है।
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अनिता कुमारी, रंजीत कुमार और अन्य प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले दो दशक से वे मिड-डे मील बना रहे हैं, लेकिन अब तक उनका वेतन 900 रुपये प्रति माह ही है।
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रसोइयों ने सरकार से न्यूनतम वेतन अधिनियम लागू करने, नियमितीकरण नीति तैयार करने, लैंड डोनर को उचित मुआवजा देने और सेवानिवृत्ति के बाद उचित लाभ प्रदान करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर आगामी बजट सत्र में उनकी मांगों को
लेकर समाधान नहीं निकाला गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि कई बार ज्ञापन सौंपने और धरना प्रदर्शन के बावजूद उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। संवाद