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Mata Vaishno Devi: दिवाली की छुट्टियों में भक्तों की संख्या बढ़ी, 30 हजार से अधिक ने टेका माथा
Fri, 28 Oct 2022 12:48 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कटड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, कटड़ा
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Oct 2022 12:48 PM IST
सार
दिवाली की तैयारियों के कारण भक्तों की संख्या में कुछ दिन पहले थोड़ी कमी आई थी। लेकिन, छुट्टियों में श्रद्धालुओं ने एक बार फिर मां के दर्शन करने के लिए कटड़ा रुख किया।
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दर्शनों को आए श्रदालु फवारा चौक पर सैल्फी लेते हुए
- फोटो : KATRA
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विस्तार
धर्मनगरी में दिवाली की छुट्टियों में बड़ी संख्या में यात्री माता वैष्णो देवी के दर्शन करने पहुंचे। ठंड में बढ़ोतरी होने और दिवाली की तैयारियों के कारण भक्तों की संख्या में कुछ दिन पहले थोड़ी कमी आई थी। लेकिन, छुट्टियों में श्रद्धालुओं ने एक बार फिर मां के दर्शन करने के लिए कटड़ा रुख किया। इसके फलस्वरूप फौव्वारा चौक सहित अन्य मार्गों पर चहल पहल देखने मिल रही है।
पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को 31451 के भक्तों ने अपना पंजीकरण करवाकर भवन में प्राकृतिक पिंडियों के समक्ष माथा टेका। साथ ही वीरवार को दोपहर तीन बजे तक 17950 श्रद्धालु भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। शाम छह बजे तक यह संख्या 25500 पहुंच चुकी थी। इसके बाद भी कक्ष के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। अनुमान लगाया जा रहा था कि कक्ष बंद होने तक भक्तों की संख्या 30 हजार पार कर लेगी।
वहीं, भवन से मिली जानकारी के अनुसार पिछले सप्ताह हुई बारिश व त्रिकुट पर्वत की चोटियों पर ओले गिरने के बाद से मौसम काफी ठंडा हो गया है। इससे यात्री दर्शन करने के बाद भवन में रुकने के बजाय वापस कटड़ा जाना ठीक समझ रहे हैं। कस्बे में भी सुबह और शाम ठंड हो रही है। इसके बावजूद मुख्य बस अड्डे के फौव्वारा चौक पर भीड़ की शक्ल में इकट्ठे होकर भक्त फौव्वारा के साथ सेल्फी लेते देखे जा सकते हैं। दिन में श्रद्धालु होटलों व गेस्ट हाउस से बाहर निकलकर धूप का आनंद लेते हैं।
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कस्बे में मौसम साफ होने के कारण आधार शिविर से सांझी छत के लिए भक्तों को मिलने वाली हेलिकॉप्टर सेवा दिन भर बहाल रही। इसके अलावा अर्द्धकुंवारी से भवन के लिए चलने वाली हिमकोटि मार्ग पर बैटरी कार सेवा और भवन से भैरव घाटी के लिए चलने वाली रोपवे सेवा भी चलती रही।
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पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को 31451 के भक्तों ने अपना पंजीकरण करवाकर भवन में प्राकृतिक पिंडियों के समक्ष माथा टेका। साथ ही वीरवार को दोपहर तीन बजे तक 17950 श्रद्धालु भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। शाम छह बजे तक यह संख्या 25500 पहुंच चुकी थी। इसके बाद भी कक्ष के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। अनुमान लगाया जा रहा था कि कक्ष बंद होने तक भक्तों की संख्या 30 हजार पार कर लेगी।
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वहीं, भवन से मिली जानकारी के अनुसार पिछले सप्ताह हुई बारिश व त्रिकुट पर्वत की चोटियों पर ओले गिरने के बाद से मौसम काफी ठंडा हो गया है। इससे यात्री दर्शन करने के बाद भवन में रुकने के बजाय वापस कटड़ा जाना ठीक समझ रहे हैं। कस्बे में भी सुबह और शाम ठंड हो रही है। इसके बावजूद मुख्य बस अड्डे के फौव्वारा चौक पर भीड़ की शक्ल में इकट्ठे होकर भक्त फौव्वारा के साथ सेल्फी लेते देखे जा सकते हैं। दिन में श्रद्धालु होटलों व गेस्ट हाउस से बाहर निकलकर धूप का आनंद लेते हैं।
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कस्बे में मौसम साफ होने के कारण आधार शिविर से सांझी छत के लिए भक्तों को मिलने वाली हेलिकॉप्टर सेवा दिन भर बहाल रही। इसके अलावा अर्द्धकुंवारी से भवन के लिए चलने वाली हिमकोटि मार्ग पर बैटरी कार सेवा और भवन से भैरव घाटी के लिए चलने वाली रोपवे सेवा भी चलती रही।