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Udhampur News: कौशल प्रशिक्षण से युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहा आरएसईटीआई
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डोडा। ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवक-युवतियों को हुनरमंद बनाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार का कौशल विकास कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी पहल के तहत एसबीआई (स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया) ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) डोडा युवाओं और महिलाओं को विभिन्न रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रहा है।
वर्ष 2012 में स्थापित एसबीआई आरसेटी (रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आरएसईटीआई) डोडा से अब तक करीब 6,000 युवक-युवतियां विभिन्न कौशल विकास एवं उद्यमिता प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से करीब 5,000 प्रशिक्षित लाभार्थियों ने प्रशिक्षण के बाद अपना स्वरोजगार शुरू किया है। इससे उन्हें अपनी आजीविका का साधन तैयार करने के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। संस्थान में सिलाई-कटिंग, ब्यूटी एवं वेलनेस, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित गतिविधियों, कंप्यूटर एप्लीकेशन, बहीखाता और हस्तशिल्प सहित कई क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्तमान में करीब 35 महिलाएं एक माह के सिलाई एवं कटिंग प्रशिक्षण में हिस्सा ले रही हैं। प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क है और प्रतिभागियों को छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशिक्षणार्थी सानिया बेगम ने कहा कि निशुल्क प्रशिक्षण उनके जैसी महिलाओं के लिए बड़ी मदद है। उन्होंने बताया कि उनकी बहन ने भी आरसेटी से प्रशिक्षण लेकर अपना कारोबार शुरू किया है। इससे प्रेरित होकर वह भी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपना व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं। आरसेटी की फैकल्टी शबनम बेगम ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत इस वर्ष एक हजार लाभार्थियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। शुरुआत में 500 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डोडा के अलावा गंदोह और भद्रवाह में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लाभार्थियों की परीक्षा लेकर उन्हें प्रमाणपत्र दिए जाते हैं। सफल प्रशिक्षुओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण और सरकारी सब्सिडी प्राप्त करने में भी सहायता दी जाती है। योजना के तहत महिला लाभार्थियों के लिए 35 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। आरसेटी का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं बल्कि स्वरोजगार शुरू कर रोजगार देने वाला बनाने पर भी जोर देना है। इस पहल से डोडा के ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह खुल रही है।
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वर्ष 2012 में स्थापित एसबीआई आरसेटी (रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आरएसईटीआई) डोडा से अब तक करीब 6,000 युवक-युवतियां विभिन्न कौशल विकास एवं उद्यमिता प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से करीब 5,000 प्रशिक्षित लाभार्थियों ने प्रशिक्षण के बाद अपना स्वरोजगार शुरू किया है। इससे उन्हें अपनी आजीविका का साधन तैयार करने के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। संस्थान में सिलाई-कटिंग, ब्यूटी एवं वेलनेस, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित गतिविधियों, कंप्यूटर एप्लीकेशन, बहीखाता और हस्तशिल्प सहित कई क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्तमान में करीब 35 महिलाएं एक माह के सिलाई एवं कटिंग प्रशिक्षण में हिस्सा ले रही हैं। प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क है और प्रतिभागियों को छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशिक्षणार्थी सानिया बेगम ने कहा कि निशुल्क प्रशिक्षण उनके जैसी महिलाओं के लिए बड़ी मदद है। उन्होंने बताया कि उनकी बहन ने भी आरसेटी से प्रशिक्षण लेकर अपना कारोबार शुरू किया है। इससे प्रेरित होकर वह भी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपना व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं। आरसेटी की फैकल्टी शबनम बेगम ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत इस वर्ष एक हजार लाभार्थियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। शुरुआत में 500 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डोडा के अलावा गंदोह और भद्रवाह में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
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प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लाभार्थियों की परीक्षा लेकर उन्हें प्रमाणपत्र दिए जाते हैं। सफल प्रशिक्षुओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण और सरकारी सब्सिडी प्राप्त करने में भी सहायता दी जाती है। योजना के तहत महिला लाभार्थियों के लिए 35 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। आरसेटी का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं बल्कि स्वरोजगार शुरू कर रोजगार देने वाला बनाने पर भी जोर देना है। इस पहल से डोडा के ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह खुल रही है।
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