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Udhampur News: रात को नहीं आती नदीं तो दिनभर रहता सरदर्द
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उधमपुर। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती आदतों के कारण लोगों में तनाव और नींद न आने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। देर रात तक मोबाइल और लैपटाप का इस्तेमाल तथा अनियमित दिनचर्या ने शरीर की जैविक प्रणाली को बिगाड़ दिया है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
आधुनिक जीवनशैली में तेजी से हो रहे बदलावों का सीधा असर लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। हर उम्र के लोग तनाव और अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण लोगों की बिगड़ी हुई दिनचर्या और डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग है। जहां पहले बच्चे और युवा समय मिलते ही बाहर खेलने -कूदने को उत्साहित रहते थे। अब देर रात तक मोबाइल, लैपटाप और टीवी का इस्तेमाल करना आम आदत बन चुकी है। इसके कारण लोग देर से सोते हैं और सुबह देर से उठते हैं। देर रात तक स्क्रीन के संपर्क में रहने से दिमाग सक्रिय रहता है, जिससे नींद आने में परेशानी होती है और शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता। जिससे दिनभर सिरदर्द , चिड़चिड़ापन और कमजोरी बनी रही है इसका असर दिनभर की कार्यक्षमता पर पड़ता है।
नींद की कमी का असर केवल थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है। लगातार नींद न आने से ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। इसके अलावा, शारीरिक गतिविधियों में कमी और खराब दिनचर्या के चलते मोटापा और मधुमेह जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ सकती है। शरीर के चयापचय की गति धीमी होने से शरीर में अन्य स्वास्थ्य समस्याएं, यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। कुछ लोग नींद न आने की समस्या से छुटकारा पाने के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं, जो लंबे समय में शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। सोने से कम से कम आधा घंटा पहले मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग बंद कर देना चाहिए ताकि दिमाग को आराम मिल सके और नींद अच्छी आए। कई लोगों मोबाइल फोन देखते हुए सो जाते हैं। इससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है और शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता है।
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कोट
अच्छी नींद के लिए सोने से कम से कम 30 मिनट पहले मोबाइल स्क्रीन बंद कर देनी चाहिए। रोजाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें, नियमित व्यायाम और हल्की शारीरिक गतिविधि करें। तनाव कम करने के लिए ध्यान और योग अपनाएं और कोशिश करें कि सोने से पहले अपनी कोई भी मनपसंद किताब पढ़ें जिससे मन शांत हो और अच्छी नींद आए।
- सुदेश रैना, चिकित्सक
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आधुनिक जीवनशैली में तेजी से हो रहे बदलावों का सीधा असर लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। हर उम्र के लोग तनाव और अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण लोगों की बिगड़ी हुई दिनचर्या और डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग है। जहां पहले बच्चे और युवा समय मिलते ही बाहर खेलने -कूदने को उत्साहित रहते थे। अब देर रात तक मोबाइल, लैपटाप और टीवी का इस्तेमाल करना आम आदत बन चुकी है। इसके कारण लोग देर से सोते हैं और सुबह देर से उठते हैं। देर रात तक स्क्रीन के संपर्क में रहने से दिमाग सक्रिय रहता है, जिससे नींद आने में परेशानी होती है और शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता। जिससे दिनभर सिरदर्द , चिड़चिड़ापन और कमजोरी बनी रही है इसका असर दिनभर की कार्यक्षमता पर पड़ता है।
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नींद की कमी का असर केवल थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है। लगातार नींद न आने से ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। इसके अलावा, शारीरिक गतिविधियों में कमी और खराब दिनचर्या के चलते मोटापा और मधुमेह जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ सकती है। शरीर के चयापचय की गति धीमी होने से शरीर में अन्य स्वास्थ्य समस्याएं, यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। कुछ लोग नींद न आने की समस्या से छुटकारा पाने के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं, जो लंबे समय में शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। सोने से कम से कम आधा घंटा पहले मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग बंद कर देना चाहिए ताकि दिमाग को आराम मिल सके और नींद अच्छी आए। कई लोगों मोबाइल फोन देखते हुए सो जाते हैं। इससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है और शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता है।
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अच्छी नींद के लिए सोने से कम से कम 30 मिनट पहले मोबाइल स्क्रीन बंद कर देनी चाहिए। रोजाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें, नियमित व्यायाम और हल्की शारीरिक गतिविधि करें। तनाव कम करने के लिए ध्यान और योग अपनाएं और कोशिश करें कि सोने से पहले अपनी कोई भी मनपसंद किताब पढ़ें जिससे मन शांत हो और अच्छी नींद आए।
- सुदेश रैना, चिकित्सक